फसल की खेती (Crop Cultivation)

खरीफ प्याज की खेती में मुनाफा चाहिए? जानिए नर्सरी तैयार करने का सही तरीका

24 जुलाई 2025, नई दिल्ली: खरीफ प्याज की खेती में मुनाफा चाहिए? जानिए नर्सरी तैयार करने का सही तरीका – प्याज भारतीय रसोई का दिल है और किसानों की कमाई का बड़ा जरिया भी। देश के कई राज्यों में किसान भाई खरीफ और रबी दोनों मौसमों में इसकी खेती करते हैं। लेकिन खरीफ में प्याज की खेती अपने आप में एक चुनौती है। गर्मी और उमस के बीच अच्छी पैदावार के लिए नर्सरी का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है। पूसा संस्थान के विशेषज्ञों ने इसकी वैज्ञानिक तकनीकों को साझा किया है, जो किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। तो आइए, जानते हैं कि खरीफ प्याज की नर्सरी कैसे तैयार करें, ताकि आपकी फसल लहलहाए और मुनाफा बढ़े।

प्याज: किसानों की ताकत, अर्थव्यवस्था की धड़कन

प्याज सिर्फ सब्जी नहीं, बल्कि एक ऐसी फसल है जो भारतीय बाजार और थाली दोनों को प्रभावित करती है। इसमें औषधीय गुणों के साथ-साथ जरूरी विटामिन भी पाए जाते हैं। भारत में 60% प्याज का उत्पादन रबी मौसम से आता है, जबकि बाकी 40% खरीफ सीजन से। खरीफ में खेती करना मुश्किल जरूर है, लेकिन सही तरीके अपनाकर किसान अच्छी पैदावार और मुनाफा कमा सकते हैं।

सही किस्म चुनें, सफलता पक्की करें

खरीफ प्याज की खेती में पहला कदम है सही किस्म का चयन। रबी की किस्में खरीफ में अच्छा प्रदर्शन नहीं करतीं। इसलिए खरीफ के लिए खास तौर पर तैयार किस्में ही चुनें। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ‘एग्रीफॉर्म डार्क रेड’, ‘भीमा डार्क रेड’ और ‘भीमा सुपर’ जैसी किस्में शानदार नतीजे देती हैं। सही बीज चुनने से न सिर्फ पैदावार बढ़ती है, बल्कि फसल की क्वालिटी भी बेहतर होती है।

नर्सरी की तैयारी: मजबूत शुरुआत का राज

खरीफ प्याज की नर्सरी तैयार करना फसल की कामयाबी की नींव है। इसे सही तरीके से करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:

Advertisement
Advertisement
  1. जगह का चयन: ऐसी जगह चुनें जहाँ पहले ‘डैम्पिंग ऑफ’ जैसी बीमारी न हुई हो। धूप वाली जगह हो और पानी की सुविधा उपलब्ध हो। रेतीली दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी है।
  2. शेड की व्यवस्था: गर्मी से बचाने के लिए 10-12 फीट ऊँचा शेड बनाएँ। शेड में हवा का बहाव अच्छा हो और इसे 75% शेडनेट से ढकें, ताकि तेज धूप कम हो सके।
  3. बेड तैयार करें: रेज्ड बेड बनाएँ, जिनकी ऊँचाई 10-12 सेंटीमीटर हो। बेड की चौड़ाई 1 मीटर और लंबाई 2-3 मीटर रखें। दो बेड के बीच 40-60 सेंटीमीटर की दूरी छोड़ें, ताकि देखभाल आसान हो।
  4. मिट्टी का उपचार: हर बेड में 10-15 किलो सड़ी हुई गोबर की खाद या 3-4 किलो वर्मी कम्पोस्ट डालें। इसके साथ 150 ग्राम एनपीके और 50 ग्राम कॉपर ऑक्सी क्लोराइड मिलाकर मिट्टी को भुरभुरा बनाएँ।
  5. लाइन में बुवाई: बेड पर 5 सेंटीमीटर की दूरी पर 1-1.5 सेंटीमीटर गहरी लाइनें खींचें। इससे बीज कम लगता है और निराई-गुड़ाई आसान होती है।

बीज बोएँ, देखभाल करें: स्वस्थ पौधों की गारंटी

बीज की बुवाई और नर्सरी की देखभाल के लिए ये कदम उठाएँ:

Advertisement
Advertisement
  1. बीज का उपचार: बीज को ‘डाइजेशन’ (2 ग्राम प्रति किलो) या ‘कैप्टान’ (3 ग्राम प्रति किलो) से ट्रीट करें, ताकि रोगों से बचाव हो।
  2. बुवाई: ट्रीट किए गए बीज को लाइनों में बोएँ। हर लाइन में 70-80 बीज हों। बुवाई के बाद हल्की मिट्टी से ढक दें।
  3. मल्चिंग: सूखी घास से मल्चिंग करें, ताकि नमी बनी रहे और तापमान कंट्रोल में रहे। इससे ‘डैम्पिंग ऑफ’ का खतरा भी कम होता है।
  4. पानी दें: सुबह-शाम हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी का तापमान 30-35 डिग्री के बीच रहे। अंकुरण के 6-7 दिन बाद मल्चिंग हटा दें।
  5. खरपतवार हटाएँ: अंकुरण के बाद नियमित रूप से खरपतवार निकालें और हल्की गुड़ाई करें, ताकि जड़ों को हवा मिले।
  6. पोषण दें: अगर पौधों की ग्रोथ धीमी हो, तो ‘ह्यूमिक एसिड’ (2.5-3 मिली प्रति लीटर) का छिड़काव करें। इससे पौधे मजबूत होंगे।

नर्सरी का रख-रखाव: छोटी बातें, बड़ा फर्क

नर्सरी की देखभाल में ये छोटी-छोटी बातें ध्यान में रखें:

  • तापमान नियंत्रण: अगर गर्मी ज्यादा हो, तो दिन में दो बार पानी दें। बारिश में पानी कम करें, क्योंकि प्याज के पौधे ज्यादा पानी पसंद नहीं करते।
  • रोगों से बचाव: ‘रेडोमिल’ (2 ग्राम प्रति लीटर) का छिड़काव करें, ताकि ‘डैम्पिंग ऑफ’ जैसी बीमारियाँ न हों।
  • पौधों की तैयारी: जब पौधे 7-8 सेंटीमीटर के हो जाएँ, तो वे मुख्य खेत में लगाने के लिए तैयार हैं।

मेहनत का फल: 50-55 दिन में तैयार पौधे

लगभग 50-55 दिनों में आपकी नर्सरी से स्वस्थ पौधे तैयार हो जाएँगे, जो मुख्य खेत में शानदार फसल की नींव रखेंगे। पूसा संस्थान के ये वैज्ञानिक तरीके अपनाकर किसान न सिर्फ पैदावार बढ़ा सकते हैं, बल्कि अपनी मेहनत को मुनाफे में भी बदल सकते हैं। तो देर किस बात की? आज से ही इन तकनीकों को अपनाएँ और खरीफ प्याज की खेती में सफलता पाएँ

Advertisements
Advertisement
Advertisement

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement