फसल की खेती (Crop Cultivation)

IARI की तकनीक से करें टमाटर की संरक्षित खेती, सालभर कमाएं लाखों

26 मई 2025, नई दिल्ली: IARI की तकनीक से करें टमाटर की संरक्षित खेती, सालभर कमाएं लाखों – अगर आप टमाटर की खेती कर रहे हैं या इसकी शुरुआत करना चाहते हैं, तो भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा की यह तकनीक आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है. पारंपरिक खेती की तुलना में संरक्षित अवस्था में टमाटर उत्पादन न केवल अधिक लाभदायक है, बल्कि इससे बेमौसमी सब्जियों की खेती कर अच्छी आमदनी भी की जा सकती है.

संरक्षित खेती का मतलब और फायदा

संरक्षित खेती यानी पॉलीहाउस, नेट हाउस या अन्य संरक्षित संरचनाओं के अंदर की जाने वाली खेती. इस तकनीक से टमाटर के पौधों की उम्र 10 से 11 महीने तक हो जाती है, जबकि खुले खेत में इसकी जीवन अवधि मात्र 3-4 महीने की होती है. यानी किसान लंबे समय तक फलों की तुड़ाई कर सकते हैं और लगातार कमाई कर सकते हैं.

किस्मों का सही चयन है जरूरी

IARI पूसा ने टमाटर की संरक्षित खेती के लिए कई उन्नत और उच्च उत्पादक किस्में विकसित की हैं, जो असीमित बढ़वार वाली होती हैं और 20-25 फीट तक बढ़ सकती हैं.

  1. पूसा रक्षित – यह संकर किस्म संरक्षित खेती के लिए आदर्श है.
  2. पूसा टमाटर संरक्षित-1 – इसके गोल आकार के फल गुच्छों में आते हैं और दिखने में आकर्षक होते हैं.
  3. पूसा चेरी 1 – गोल और चमकदार लाल रंग के चेरी टमाटर.
  4. पूसा गोल्डन चेरी टमाटर-2 – सुनहरे रंग के फल, जो बीटा-कैरोटीन (विटामिन A) और विटामिन C से भरपूर होते हैं.

कटिंग से भी हो सकती है खेती

इन किस्मों को बीज के अलावा कटिंग से भी उगाया जा सकता है. पौधे की एग्जिलरी बड (नई शाखा) को मृदाहीन माध्यम में लगाने से 8-10 दिनों में जड़ें निकल आती हैं और 22-25 दिन में खेत में रोपण के लिए तैयार हो जाती हैं.

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रोपण और दूरी का ध्यान रखें

पौधे से पौधे की दूरी 50 सेंटीमीटर और कतार से कतार की दूरी 100 सेंटीमीटर रखने की सलाह दी जाती है. एक ही तने (सिंगल स्टेम) से पौधा तैयार किया जाता है. करीब 1000 स्क्वायर मीटर क्षेत्र में संरक्षित खेती से किसान ₹1,30,000 तक की शुद्ध आमदनी ले सकते हैं.

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गर्मी में कीट नियंत्रण है जरूरी

गर्मी के मौसम में रस चूसक कीटों की समस्या बढ़ जाती है, जैसे सफेद मक्खी, स्पाइडर माइट और रेड माइट. इनसे बचने के लिए:

  • येलो स्टिकी ट्रैप लगाएं ताकि कीटों की उपस्थिति का अंदाजा लग सके.
  • नीम तेल स्प्रे – 5 मिली नीम सीड कर्नल ऑयल प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.
  • सफेद मक्खी के लिए – 1 मिली इमीडाक्लोप्रिड को 3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें.
  • लाल मकड़ी के लिए – ओबेरॉन या ओमाइट नामक दवाओं का उपयोग करें.

टमाटर की संरक्षित खेती एक टिकाऊ, लाभदायक और तकनीकी दृष्टि से उन्नत तरीका है, जिसे अपनाकर किसान सालभर उत्पादन कर सकते हैं. IARI पूसा द्वारा विकसित किस्में और तकनीकें किसानों को उच्च गुणवत्ता की फसल और बेहतर मुनाफा देने में सक्षम हैं.

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