फसल की खेती (Crop Cultivation)

धानुका डी-वन (D-One) कीटनाशक

24 जनवरी 2025, नई दिल्ली: धानुका डी-वन (D-One) कीटनाशक – धानुका डी-वन (D-One) कीटनाशकों की एक नई रासायनिक श्रेणी है जिसमें क्रिया का एक अनूठा तंत्र है। यह कीटनाशक कपास की तीन प्रमुख समस्याओं (ग्रीन हॉपर, एफिड्स और मीलीबग्स) का एक आदर्श समाधान है। डी-वन पौधों को हरा-भरा, स्वच्छ और बेहतर विकास देता है और पत्तियों को मुलायम और मखमली बनाता है। यह एक हरे रंग के त्रिभुज में आता है जिसका मित्र कीटों और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है। इसके छिड़काव के 3 घंटे बाद भी बारिश होने पर भी यह पूरी तरह से प्रभावी रहता है। कपास के प्रमुख चूसने वाले कीटों पर डी-वन के बेहतरीन प्रभाव के कारण, यह कपास पर कीटनाशकों और श्रम लागत की कुल लागत को कम करता है।

काम करने की विधि

डी-वन लक्षित कीटों पर तीन तरीके से (स्पर्श, अन्तःप्रवाही और ट्राँसलेमिनार) कार्यवाही करता है जिससे अतिशीघ्र व उत्कृष्ट कीट नियंत्रण मिलता है। यह अन्य कीटनाशकों से प्रतिरोधी हुये कीटों के खिलाफ भी प्रभावी है जो इसे अन्य कीटनाशकों के साथ बदल कर इस्तेमाल करने के लिए मूल्यवान बनाता है।

फ़सलनीदा / रोगउपयोग मात्रा (मि.ली./एकड़)
धानभूरा फूदका, सफेद पीठ वाला फूदका150 मि.ली./एकड़
कपासहरा फूदका (जेसिड), माहू (एफिड) मिलीबग, सफेद मक्खी125 मि.ली./एकड़, 150 मि.ली./एकड़
Advertisements
Advertisement
Advertisement

पैक साइज

75 ml, 150 ml, 500 ml

विशेषताएं और लाभ

  • डी-वन, कपास की फसल की तीन प्रमुख समस्याओं (जस्सीद, एफिड, मिली बग) के लिए एक मुख्य समाधान है
  • डी-वन उत्कृष्ट अवशिष्ट नियंत्रण के साथ तेजी से कार्रवाई करता है।
  • कीट के खिलाफ उत्कृष्ट प्रभावकारिता के कारण डी-वन के उपयोग से समग्र कीटनाशक लागत और श्रम लागत कम हो जाती है।
  • डी-वन के उपयोग के परिणामस्वरूप बेहतर पौधा स्वास्थ्य, अधिक हरियाली, अधिक विकास और नरम और मखमली पत्ते प्राप्त होते हैं।
  • डी-वन एक हरा त्रिभुज अणु है जो पर्यावरण और लाभकारी कीड़ों के लिए बहुत सुरक्षित है।

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्रामव्हाट्सएप्प)

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

Advertisement
Advertisement

www.krishakjagat.org/kj_epaper/

Advertisement
Advertisement

कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

www.en.krishakjagat.org

Advertisements
Advertisement
Advertisement