मिट्टी परीक्षण आज की जरूरत
पौधों की वृद्धि एवं समुचित विकास के लिये 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिनमें से किसी एक की कमी हो जाने से पौधों पर विपरीत असर होता है और उसके विकास के साथ-साथ उत्पादन में भी फर्क पडऩे
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंपौधों की वृद्धि एवं समुचित विकास के लिये 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जिनमें से किसी एक की कमी हो जाने से पौधों पर विपरीत असर होता है और उसके विकास के साथ-साथ उत्पादन में भी फर्क पडऩे
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंसंजय कुमार , डॉ. पी.एस. नरुका डॉ. एस.एस. सारंगदेवोत डॉ. शिल्पी वर्मा डॉ. सीपी पचौरी मिट्टी परीक्षण का महत्व अत्यधिक एवं असंतुलित उर्वरकों तथा कृषि रसायनों के प्रयोग से खेत की मिट्टी मृत हो रही है या उत्पादन क्षमता घट
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें– हंसराम बघेल, रीवा समाधान – गुलाब पर भी अन्य फसलों की तरह गेरूआ रोग आता है जो एक प्रकार की फफूंद ‘फ्रेगमीडियम मुक्रनेटस’ के कारण आती है अधिक आद्र्रता भरपूर ठंडक से यह रोग बढ़ जाता है। निम्न लक्षण
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें– गोवर्धन राय, पिपरिया समाधान- प्याज भंडारण विभिन्न प्रकार से किया जाता है। एक आदर्श भंडारगृह के प्रमुख बिन्दु निम्नानुसार है। 1. भंडार गृह का निर्माण ऊंची जगह पर किया जाना चाहिये। 2. बड़े खपरों अथवा पक्की छत वाले भंडारगृह
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंअनुलोम-विलोम प्राणायाम -पद्मासन लगाकर कंधे, गर्दन, रीढ़ की हड्डी को सीधी रखकर बैठें। बाएं हाथ में ज्ञान मुद्रा लगाएं। दाहिनी हाथ को ऊपर उठाकर दाहिनी नासिका को अंगुली से दबाएं और बांई नासिका से गहरी लम्बी सांस लें। इसके बाद
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंखंडवा। कृषि विभाग की पी.पी. पार्टनर के.जे. एजुकेशन सोसायटी भोपाल द्वारा खंडवा, जिले के विकासखंड खालवा पंधाना एवं छैगांवमाखन के चयनित कृषकों को जिले के बाहर भ्रमण एवं अध्ययन कराया गया। चयनित कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र खरगौन में डॉ.
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंइंदौर। कृषक जगत एजुकेशन सोसायटी द्वारा आयोजित जैविक हाट में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमारिया, कृषक जगत के प्रधान सम्पादक श्री विजय बोंद्रिया, संपादक श्री सुनील गंगराड़े, संचालक कृषि श्री मोहनलाल मीणा
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंहरी-भरी पहाडिय़ां और तीन-तीन फसलें (मनीष पाराशर) इंदौर। महू तहसील का पहाड़ी क्षेत्र नवंबर-दिसंबर माह की सर्दी बीतते-बीतते सूखा बयड़ा और पथरीली पहाड़ी का रूप धर लेता था। जिस मृदा में पानी की बूंदें नहीं, वहां कैसी हरियाली। आज यहां
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंनई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गेहूं और चावल के लिए अपनी पारंपरिक भंडारण क्षमता को साइलो स्टोरेज के जरिए 20 लाख टन और बढ़ाएगा। अगले तीन-चार साल में इनके निर्माण पर 2000 करोड़ रुपए निवेश करने की जरूरत होगी।
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंबीज उत्पादक और विपणन संघ के संचालक मंडल की बैठक भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य बीज उत्पादक एवं विपणन संघ के संचालक मंडल की बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिये प्रमाणित बीजों की उपलब्धता और वितरण की तैयारियों की समीक्षा की
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