Uncategorized

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Uncategorized

आदिवासियों की फसल रामतिल

हमारे देश का करीब 20 प्रतिशत क्षेत्र आदिवासी जनजातियों का है, आदिवासी क्षेत्रों में रामतिल, मुख्य खरीफ के रूप में उगाई जाती है इसे क्षेत्रों में जगनी भी कहा जाता है, इसके तेल की विशेषता यह है कि इसमें 25

Uncategorized

मूंगफली खूब फली

भारत विश्व में मूंगफली के क्षेत्रफल व उत्पादन की दृष्टि से प्रथम स्थान पर है। हमारे देश में मूंगफली की कम उत्पादकता का कारण, इसकी खेती असिंचित व अनुपजाऊ भूमि में होना है। साथ ही सूखे की अधिकता व अधिक

Uncategorized

बांस के रूप में तीसरी फसल लें किसान : श्री कियावत

उज्जैन। जिस तरह से आज क्षिप्रा नदी का कटाव हो रहा है इसे देखते हुए लग रहा है कि शीघ्र ही आने वाले समय में किनारे के खेतों में अपने में समेट लेगी। ऐसे समय में क्षिप्रा नदी के किनारे

Advertisements
Uncategorized

के.जे.एजुकेशन सोसायटी की गतिविधियां खरीफ फसलों पर फार्म स्कूल प्रारंभ

बड़वानी। खरीफ सीजन में के.जे. एजुकेशन सोसायटी भोपाल ने जिले के सेंधवा, निवाली एवं पानसेमल विकासखंडों में गतिविधियां प्रारंभ कर दी है। सेंधवा विकासखंड के ग्राम थिगली, निवाली के खडकी वन एवं पानसेमल विकासखंड के ग्राम बालझिरी में मक्का फसल

Uncategorized

खरीफ के जोखिम

देहात में शारीरिक अक्षमता को दर्शाते हुए एक कहावत है कि एक आंख वाले ब्याह में सौ-सौ जोखिम। यही हाल खरीफ फसलों का भी होता है। बुवाई के मिलने वाले तीन दिन से लेकर कटाई तक किसान की जान सांसत

Advertisements
Uncategorized

बीज की आनुवांशिक शुद्धता

बीज की आनुवांशिक शुद्धता का तात्पर्य बीज किस्म में निहित उन विशिष्ट लक्षणों से है, जिनके कारण इस किस्म को विशेष नाम से पहचाना जाता है जैसे किस्म की जीनी संरचना, पौधे की ऊंचाई, रोगरोधिता और कीट रोधी-गुण, पादप, तना

Advertisements
Uncategorized

कम लागत में लंबे समय तक भूमि उपजाऊ रखने हेतु वरदान

हमारे देश की लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या खेती एवं खेती आधारित कार्यों में लगी हुई है। आधुनिक समय में खेती में बहुत अधिक लागत लगती है इस कारण ग्रामीण लोगों का रुझान खेती की ओर से कम होता जा रहा

Uncategorized

बांदा के कृषकों ने जानी पॉली हाउस तकनीक

इंदौर। इंदौर जिले के प्रगतिशील किसान श्री मदनसिंह यादव ने परंपरागत खेती से इतर पॉली हाउस तकनीक से गुलाब की खेती प्रारंभ की है। हालांकि इससे पूर्व वे शिमला मिर्च, टमाटर आदि का उत्पादन करके प्रसिद्धि हासिल कर चुके हैं।

Uncategorized

सामगी के श्री पटेल ने बनाया देशी स्प्रेयर

इंदौर। खेती के काम को आसान बनाने के लिए किसान हमेशा कुछ न कुछ जुगत में लगे रहते हैं। देवास जिले की बागली तहसील के ग्राम सामगी के किसान श्री हुकुमचंद्र पटेल ने अपने खेतों में छिड़काव करने के लिए

Uncategorized

दलहन उत्पादन कर अधिक लाभ कमाएं : श्रीमती चिटनिस

बुरहानपुर। दलहनी फसलें अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और तिल की कास्त लागत कम है। यदि जलमान की बात करें तो परम्परागत फसलों केला-गन्ना की 250 सेमी प्रति हेक्टेयर की तुलना में दलहनी फसलों का 15-20 सेमी है। वर्षा की स्थिति

Advertisements