कृषक महिलाओं के लिए उपयोगी यंत्र

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1 मार्च, 2021, भोपालकृषक महिलाओं के लिए उपयोगी यंत्र – ग्रामीण कृषक महिलाएं भारतीय कृषि का मेरूदण्ड हैं। ये महिलाएं कृषि से संबंधित सभी प्रमुख कार्यों में भाग लेती हैं जिनमें भूमि की जुताई, पौध रोपण, खरपतवार की कटाई-छटाई, फसल की कटाई, औसाई, हरी खाद एवं गोबर खाद तैयार करना, बीज का चुनाव करना, खाद एवं कीटनाशक का छिड़काव, बीज एवं अनाज का भंडारण करना आदि शामिल हैं। दूसरे शब्दों में बुवाई से लेकर फसल कटाई और उसके बाद के कार्यों में ये अहम भूमिका निभाती हैं। कृषि से संबधित क्रियाकलापों में पशुपालन एक ऐसा क्षेत्र है जिससे जुड़े हर एक कार्य को ज्यादातर महिलाएं ही करती हैं। जैसे पशुओं को चारा खिलाना, दूध दोहना, पशुओं की देखभाल करना आदि। पारम्परिक तरीकों से कृषि के कार्य जैसे निराई, गुड़ाई, पौध रोपण, फसल की कटाई आदि कार्य झुक कर करने से महिलाओं को थकान तो होती है। परिणामस्वरूप उनकी कार्यक्षमता में कमी आने लगती है। अत: यह अत्यन्त आवश्यक है कि कृषक महिलाओं को विभिन्न उपकरणों एवं यंत्रों के बारे में जानकारी हो जिससे फसल उत्पादन, कृषि प्रबंधन एवं प्रसंस्करण में महिलाओं द्वारा किए जा रहे अनावश्यक श्रम को कम किया जा सके तथा उनकी श्रम क्षमता को बढ़ाया जा सके। कृषक महिलाओं हेतु कुछ उपकरणों की जानकारी निम्नलिखित है।

नवीन हसिया

कार्यक्षमता: 0.15 हेक्टेयर प्रतिदिन
फसल की कटाई मुख्यत: महिला श्रमिकों द्वारा बनाये गये हसिये से की जाती है। फसल कटाई के मौसम में बहुत अधिक संख्या में श्रमिकों को काम पर लगाया जाता है। नवीन हसिये का प्रयोग करने से श्रम कम लगता है तथा इसका काटने वाला सिरा लम्बे समय तक धारदार बना रहता है। जिससे इसमें बार-बार धार लगाने की आवश्यकता नहीं होती है। यह नवीन हसिया लकड़ी के विशेष हाथ पकड़ वाले हैंडल से बना होता है जो कि कटाई की प्रक्रिया को आसान बनाता है। इसका ब्लेड 12 मिमी चौड़ी दांतेदार कार्बन स्टील से बना है। ये हसिया चावल, गेहूं, घास तथा हाथ से पकड़े जाने वाली फसलों के लिए उपयुक्त है।


द्वि पहिया निंदाई यंत्र

कार्यक्षमता: 0.15 हेक्टेयर प्रतिदिन
पारंपरिक विधि से हाथ से खुरपी द्वारा निंदाई करने में कृषक महिलाओं को काफी परिश्रम करना पड़ता है। द्वि पहिया निंदाई यंत्र द्वारा आगे धकेलकर तथा पीछे खींचकर खरपतवार को काटा तथा उखाड़ा जा सकता है। यह यंत्र काली मिट्टी वाली शुष्क भूमि में कतारबद्ध फसलों की निंदाई-गुड़ाई के लिए उपयुक्त है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक तो इससे महिलाओं को काम कम करना पड़ता है, दूसरा काम समय पर पूरा होने के साथ-साथ फसल उत्पादन में बढ़ोतरी भी संभव है।


ट्यूबर मक्का छीलक यंत्र

कार्यक्षमता: 20 किलोग्राम प्रति घंटा
हाथ द्वारा भुट्टे से मक्का के दाने अलग करना एक कठिन कार्य है मक्का छीलक यंत्र भुट्टे से दाने अलग करने का एक सरल उपकरण है। यह 7 सेमी लंबाई के ओ स्टील पाइप, व्यास में 6.25 सेमी से बना है। इसकी अंदर की परिधि में चार ब्लेड लगाये गये हंै। संचालित करने के लिए, एक हाथ में छिलक पकड़ और दूसरे हाथ से एक सूखी मक्का उसके अन्दर डालकर विपरीत दिशाओं में घुमाया जाता है।


मूँगफली छीलक यंत्र

कार्यक्षमता: 50 किलोग्राम प्रति घंटा
छोटे स्तर पर कार्यरत कृषक ग्रामीण महिलाओं के लिए मूँगफली की फली से दाने अलग करना एक श्रमदायक कार्य है। इस उपकरण को चौकी पर बैठकर आसानी से महिलाओं द्वारा प्रचालित किया जाता है। इस यंत्र की सहायता से इस कार्य में लगने वाले श्रम को लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।


हस्तचलित द्विछलनी अनाज सफाई यंत्र

कार्यक्षमता: 150 किलोग्राम प्रति घंटा
कटाई के उपरान्त श्रेणीकरण एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जिसमें फसल का अधिक मूल्य प्राप्त करने तथा भण्डारण से पहले व्यक्ति द्वारा स्वचालित किया जाता है। इसे चार रस्सियों के साथ किसी ऊँचे स्थान से बांधकर प्रचालित किया जाता है। कार्य के दौरान रस्सियों तथा अनाज का भार रस्सियों पर होता है। चना, गेहूँ और सोयाबीन से कंकड़, धूल, मिट्टी साफ करने के लिए इस यंत्र का प्रयोग किया जाता है। यह यंत्र दो धातु की छननी जो कि एक रस्सी से झूले की तरह लटकी होती है, का बना होता है। एक समय में 5 से 10 किलो बीज छननी में डाला जाता है और झूलेनुमा छननी को हाथ से आगे और पीछे हिला कर अनाज साफ किया जाता है जिससे भूसा, बड़े कंकड़-पत्थर रह जाते है। साफ अनाज फिर महीन छननी से छनता है जिससे धूल या मिट्टी छन जाते हंै।


सब्जी रोपाई यंत्र

कार्यक्षमता: 0.5 हेक्टेयर प्रतिदिन
सब्जी की खेती कृषि की एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जहाँ कृषक महिलायें एक सक्रिय भूमिका निभाती हैं। सब्जी उत्पादन महिलाओं व किसानों के लिये आय का एक मुख्य यंत्र है। सब्जी उत्पादन में पौध की रोपाई एक ऐसा कार्य है जिसमें बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ट्रैक्टर चलित सब्जी रोपाई यंत्र से सब्जी की पौध को रोपने में लगने वाले कठोर परिश्रम को कम करके इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण किया जा सकता है। ये ट्रैक्टर द्वारा प्रचालित अद्र्धस्वचालित रोपाई यंत्र है जो टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, बंैगन आदि की पौध के प्रतिरोपण में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हस्तचलित डिब्लर (रोपछिद्रक)

कार्यक्षमता: 0.2 हेक्टेयर प्रतिदिन
खेत में हाथ से बीज तथा उर्वरक डालना अन्यंत कष्टपूर्वक कार्य है जिसमें समय तथा कठोर परिश्रम की आवश्यकता होती है। बीजों को एक-एक कर बोने के लिए हस्तचलित डिब्लर एक सरल उपकरण है। इसे महिलायें आसानी से इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे पौधों की आवश्यक दूरी बनाई जा सकती है। ये दूर-दूर तक बोई जाने वाली फसलों जैसे मक्का, अरहर, कपास तथा अन्य फसलों के लिये उपयुक्त है।

हस्तचलित रोटरी डिब्लर (चक्रीय रोपछिद्रक)

कार्यक्षमता: 0.3 हेक्टेयर प्रतिदिन
यह एक विशेष यंत्र है जिससे अच्छी तरह तैयार किए गए खेत में बड़े तथा मध्यम आकार के बीजों की बुवाई कतारों में नियमित दूरी पर की जा सकती है। यह यंत्र मक्का, ज्वार, सोयाबीन, अरहर तथा चने के बीजों की बुवाई के लिए उपयुक्त है।


हस्तचलित बीज एवं उर्वरक ड्रिल

कार्यक्षमता: 0.3 हेक्टेयर प्रतिदिन
बीज तथा उर्वरक एक साथ खेत में डालने पर फसल की पैदावार में वृद्धि होती है। ये छोटे स्तर पर कार्यरत कृषक महिलाओं द्वारा छोटे एवं बड़े दोनों ही प्रकार के बीजों जैसे तोरिया, सरसों, अरहर, सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चना तथा अन्य सामान्य बीजों की बुवाई के लिए उपयोग किया जा सकता है।


रोटरी धान खरपतवार

कार्यक्षमता: 0.20 हेक्टेयर प्रतिदिन
इसका उपयोग धान के खेतों में खरपतवार उन्मूलन के लिये प्रभावी रूप से किया जाता है। यह एक व्यक्ति द्वारा आसानी से संचालित किया जा सकता है। धान की पंक्तियों के बीच में इसको आगे धकेलकर तथा पीछे खींचकर इसको चलाया जाता है। इसके घूर्णन ब्लेड मिट्टी की सतह के नीचे जाकर खरपतवार को काटकर निकाल देते हंै। इसकी खरपतवार की क्षमता 0.20 हेक्टेयर प्रतिदिन है। यह रोटरी हैण्ड व्हील हो स्थानीय कौशल तथा स्थानीय सामग्री का उपयोग कर बनाया जा सकता है।

पैडल एवं शक्ति चलित सफाई एवं श्रेणीकरण यंत्र

कार्यक्षमता: 4-5 क्विंटल प्रति घंटा
यह एक पैडल अथवा 0.5 अश्वशक्ति विद्युत मोटर चलित उपकरण है जिससे धूल, मिट्टी, पत्थर, भूसा, चारा आदि अलग कर अनाज तथा दलहनों का श्रेणीकरण किया जाता है। सफाई तथा श्रेणीकरण से कृषक महिलाओं को बाजार में अनाज का बेहतर मूल्य मिल सकता है।

आलू छिलाई यंत्र

कार्यक्षमता: 30 किलोग्राम आलू प्रति घंटा
ग्रामीण क्षेत्रों में आलू छिलाई यंत्र घरेलू स्तर पर आलू चिप्स या वेफर आदि उत्पाद तैयार करने में ग्रामीण महिलाओं के लिये विशेष रूप से तैयार किया गया यंत्र है। इसके प्रयोग द्वारा 1 घंटे में 30 किलोग्राम आलू का छिलका उतारा जा सकता है। महिलाओं द्वारा हाथ से आलू छिलने में लगने वाले श्रम तथा समय को इस यंत्र से कम किया जा सकता है।

आलू चिप्स यंत्र

कार्यक्षमता: 30 किलोग्राम प्रति घंटा
यह सरल तथा हाथ से चलाया जाने वाला यंत्र है जिसमें आलू की भराई के लिए चार सिलेण्डर लगाये गये हैं। इसमें नीचे एक वृत्ताकार ब्लेड लगाया गया है जिससे आलूओं को पतले स्लाइसों में काटा जाता है।

पनीर प्रेस यंत्र

कार्यक्षमता: 2 किलोग्राम प्रति घंटा
यह एक छोटा पनीर दबाने का यंत्र है जो कृषक महिलाओं के लिए घरेलू स्तर पर पनीर बनाने के लिए उपयुक्त है। इसमें स्क्रू प्रकार का प्रेस है तथा इसे हाथ से प्रचालित कर जल को दबाकर बाहर निकालने तथा पनीर को दबाने का काम लिया जाता है।
कृषि वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर ग्रामीण महिलाओं को कृषि में उपयोगी यंत्रों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। विभिन्न प्रक्षेत्र परीक्षण एवं अंग्रिम पंक्ति प्रदर्शनों के माध्यम से तकनीकी स्थानान्तरण किया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य कृषक महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। कृषि में उपयोगी यंत्रों के प्रयोग से कृषक महिलाओं की कार्यक्षमता अधिक होती है तथा श्रम भी कम लगता है। बहुत से उन्नत प्रकार के कृषि उपयोगी उपकरणों के प्रयोग से समय व ऊर्जा की बचत होती है। साथ ही कृषक महिलाओं के शरीर पर कृषि संबंधी कार्यों को करने में प्रतिकूल प्रभाव कम पड़ता है। अत: कृषि से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को कृषि में उपयोगी यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

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