एग्रीकल्चर मशीन (Agriculture Machinery)

खेती में मशीनीकरण की रफ्तार तेज, CNH – न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर ने भारत में बढ़ाई तैयारी 

15 फरवरी 2026, नई दिल्ली: खेती में मशीनीकरण की रफ्तार तेज, CNH – न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर ने भारत में बढ़ाई तैयारी – भारत की खेती में ट्रैक्टर आज भी सबसे अहम मशीन बना हुआ है। जुताई, बुवाई, ढुलाई और अनेक कृषि कार्य इसके बिना पूरे नहीं हो पाते। इसके बावजूद, पिछले कुछ वर्षों तक देश में ट्रैक्टर बाजार सालाना 10 लाख यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार नहीं कर सका। किसानों को जरूरत तो थी, लेकिन ऊँची कीमतें और नीतिगत कारणों से खरीद के निर्णय अक्सर टलते रहे। अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों पर जीएसटी ढांचे की समीक्षा के बाद वर्ष 2025 में भारत में ट्रैक्टरों की कुल बिक्री 10.90 लाख यूनिट तक पहुंच गई। यह स्पष्ट संकेत है कि खेती में मशीनीकरण की रफ्तार एक बार फिर तेज हो रही है। 

इसी बदलते माहौल में सीएनएच (CNH) जो न्यू हॉलैंड (New Holland) ट्रैक्टर बनाती है, ने भारतीय बाजार में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है। वर्ष 2025 में कंपनी ने 48,642 ट्रैक्टर बेचे, जो 2024 की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक हैं। इसके साथ ही कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 4.46 प्रतिशत तक पहुंच गई। जहां पूरे ट्रैक्टर उद्योग की वृद्धि दर 2025 में लगभग 20 प्रतिशत रही, वहीं सीएनएच इंडिया ने 27 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। इस तेजी के पीछे सरकारी नीतियों का समर्थन, डीलर नेटवर्क का विस्तार, प्रतिस्पर्धी कीमतें और खेतों में मशीनों की बढ़ती जरूरत जैसे कारण प्रमुख रहे। कंपनी ने अब स्पष्ट लक्ष्य रखा है कि वर्ष 2030 तक सालाना एक लाख ट्रैक्टर बिक्री का आंकड़ा हासिल किया जाए। खेती में मजदूरों की कमी और समय पर कृषि कार्य पूरा करने की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए कंपनी को भरोसा है कि आने वाले वर्षों में ट्रैक्टर की मांग और तेज़ होगी। 

 पुणे प्लांट: जहां बनते हैं New Holland ट्रैक्टर और आधुनिक कृषि समाधान

 सीएनएच (CNH) की इस रणनीति की मजबूत नींव कंपनी की पुणे स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। लगभग 2,80,000 वर्ग मीटर में फैले इस प्लांट में डिजाइन, इंजीनियरिंग और उत्पादन की पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में संचालित होती है। यहीं न्यू हॉलैंड (New Holland) ब्रांड के ट्रैक्टर तैयार किए जाते हैं, जिन्हें देशभर के किसान इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्लांट में ट्रैक्टरों के साथ कंबाइन हार्वेस्टर, गन्ना हार्वेस्टर, स्मॉल स्क्वायर बेलर, हेडर, कैब और अन्य कृषि उपकरण भी निर्मित किए जाते हैं। आधुनिक असेंबली लाइन, पेंट शॉप और अत्याधुनिक टेस्टिंग सुविधाओं के माध्यम से यहां ऐसी मशीनें तैयार की जाती हैं, जो भारतीय खेती की परिस्थितियों के अनुरूप हों। यहां निर्मित कई उपकरणों का निर्यात भी किया जाता है।

ट्रैक्टर से आगे: फसलों के हिसाब से मशीनों पर जोर  

हालांकि ट्रैक्टर खेती की रीढ़ हैं, लेकिन सीएनएच अब खुद को केवल ट्रैक्टर तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी ने अपना फोकस “क्रॉप सॉल्यूशंस” पर बढ़ाया है, खासकर उन कृषि कार्यों में जहां मजदूरों की कमी सबसे अधिक महसूस की जाती है। सीएनएच इंडिया के प्रेसिडेंट एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री नरिंदर मित्तल के अनुसार, “ट्रैक्टर के साथ-साथ हम फसलों के अनुसार मशीनें विकसित कर रहे हैं। भारतीय खेती की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेलर और गन्ना हार्वेस्टर तैयार किए जा रहे हैं, ताकि कम मजदूरों में कटाई हो सके और खेत में होने वाला नुकसान घटे।” कंपनी का दावा है कि गन्ना हार्वेस्टर फसल को जमीन के अधिक पास से काटते हैं, जिससे कटाई के बाद होने वाला नुकसान कम होता है। इससे 5 से 10 प्रतिशत तक उपज बढ़ने में मदद मिल सकती है।  

हार्वेस्टर और बेलर सेगमेंट  

क्रॉप सॉल्यूशंस पर इस फोकस का असर बिक्री के आंकड़ों में भी साफ दिखता है। वर्ष 2025 में सीएनएच ने भारत में 510 हार्वेस्टर और 741 बेलर बेचे। इसके साथ ही हार्वेस्टर और बेलर सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गई। कंपनी ने वर्ष 2023 में TREM-V मानकों के अनुरूप गन्ना हार्वेस्टर भी पेश किया था, जो नए उत्सर्जन नियमों के अनुसार विकसित किया गया है। किसानों के बीच अपनी पहचान और भरोसा मजबूत करने के लिए सीएनएच ने 2025 में क्रिकेटर युवराज सिंह को ब्रांड एंबेसडर बनाया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों से सीधा जुड़ाव स्थापित किया जा सके।  

सीएनएच (CNH) इंडिया का बिक्री प्रदर्शन: 2024–2025

उपकरणसीएनएच इंडिया 2024सीएनएच इंडिया 2025भारत में कुल बिक्री (2025)बाजार हिस्सेदारीवृद्धि
हार्वेस्टर37051085060.0%38%
बेलर6037411,25059.3%23%
ट्रैक्टर38,17148,64210,90,0004.46%27%

आने वाले समय की तैयारी 

खेती में मशीनों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सीएनएच ने भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी ने 2028 तक चौथा ट्रैक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू करने की घोषणा की है। जैसे-जैसे खेती में समय की कमी, मजदूरों की उपलब्धता और लागत का दबाव बढ़ रहा है, ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनें किसानों की अनिवार्य जरूरत बनती जा रही हैं। इसी बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर बनाने वाली सीएनएच (CNH) भारत में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है।

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