समस्या- दीमक नियंत्रण के लिये उपाय बतायें, इससे बहुत हानि होती है।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

– समर सिंह तोमर, मुरैना

समाधान – दीमक और चूहा दोनों एक सामाजिक दुश्मन है क्योंकि दोनों से ही समाज को करोड़ों की हानि होती है। दीमक  चोरी/छिपे लोहे की तिजोरी पार कर रखे नोटों पर प्रहार कर दे इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। परंतु आपका प्रश्न सामयिक है। दीमक के सटीक नियंत्रण का उचित समय ग्रीष्मकाल ही है। मेड़ों पर आसपास खोजने पर देखे दीमक का बमीठा जरूर होता है। यही वह जगह है जहां से दीमक के कर्मी सुरंग बना कर अपने शिकार पर निकलते है। दीमक की रानी 3-4 फीट गहराई में विशेष रूप से तैयार किये गये ठंडे महल में रहती है। और 30,000  से लेकर 70,000 तक अंडों को देने में सक्षम होती है। इतनी बड़ी फौज से निपटना सरल काम नहीं है। इसके लिये लोहे की राड से अंदर बैठी रानी को समाप्त करना जरूरी है। साथ ही क्लोरोपाईरीफास के घोल को इस छेद के द्वारा बमीठे में डालना जरूरी है। एक बार रानी दीमक  मर गई तो आसपास का मीलों क्षेत्र सुरक्षित हो जायेगा दीमक आकार नहीं ले पायेगी।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twenty + twelve =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।