निजी क्षेत्र से प्रतिस्पर्धा करेगा मार्कफेड : श्री पाटिल

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प्रबंध संचालक से कृषक जगत की बातचीत

भोपाल। म.प्र. में उर्वरक वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सहकारी क्षेत्र की संस्था म.प्र. राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) अब निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं से प्रतिस्पर्धा करने की तैयारी में है।
इस हेतु मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री ज्ञानेश्वर पाटिल पुरजोर तैयारी में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि सहकारी क्षेत्र की संस्था होने के नाते किसानों के मध्य मार्कफेड की विश्वसनीयता बनी हुई है, जो हमें हमारे लक्ष्य तक पहुंचाने में सहायक होगी। मार्कफेड ने हमेशा प्रदेश के किसानों को गुणवत्ता पूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराया है। उन्होंने जिला स्तर पर अपने अधिकारियों के विक्रय लक्ष्य में भी वृद्धि की है। सहकारी व निजी क्षेत्र में उर्वरक वितरण के लिये प्रतिबंध को भी वे मार्कफेड के हित की दृष्टि से नहीं देखते। वे मानते हैं कि प्रतिबंध मुक्त होने पर मार्कफेड अपनी आवश्यकतानुसार उचित समय पर प्रतिस्पर्धात्मक दरों पर उर्वरक क्रय कर सकेगा। श्री पाटिल मानते हैं कि कृषि के विकास के लिये सहकारिता आवश्यक है। क्योंकि सहकारिता के माध्यम से ही किसान को कृषि उपज का उचित मूल्य मिल सकता है। अपनी आय बढ़ाने के लिये किसान को खाद्यान्न फसलों के स्थान पर उद्यानिकी बागवानी जैसी नगदी फसलों की तरफ रुख करना होगा। इसके लिये महाराष्ट्र राज्य एक उल्लेखनीय उदाहरण है, जहां सहकारिता एवं बागवानी फसलों के माध्यम से किसानों ने अपनी आय में वृद्धि की है। उनका प्रयास है कि समय के साथ तकनीक में आने वाले बदलाव को मार्कफेड के माध्यम से किसानों तक पहुंचाये। इसी उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए मार्कफेड अब वाटर साल्यूबल फर्टिलाइजर भी किसानों उपलब्ध करा रहा है। इस हेतु प्रतिष्ठित प्रदायकों से अनुबंध किये जा रहे हैं और प्रदायकों को वाटर साल्यूबल फर्टिलाइजर प्रदेश में लाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।

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