मगरादेह में भी होगा कड़कनाथ का पालन

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देवास। बागली के विधायक श्री चंपालाल देवड़ा ने गत दिवस ग्राम मगरादेह में 31 आदिवासी परिवारों को कड़कनाथ मुर्गी के चूजे प्रदान किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि पशुपालन विभाग ने देवास जिले में कड़कनाथ प्रोजेक्ट को सफल बना कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कड़कनाथ मुर्गी परंपरागत मुर्गी पालन से अधिक लाभकारी है। गांव में आयोजित कड़कनाथ मुर्गी के चूजे वितरण कार्यक्रम में उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. जीडी वर्मा, पशु चिकित्सक डॉ. विजय शर्मा एवं अन्य स्टाफ उपस्थित था। गांव में 31 परिवारों को पशुपालन विभाग ने मुर्गी पालन हेतु दड़बा बना कर भी दिया है। साथ ही उन्हें मुर्गियों का आहार भी दिया गया।
उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ. जीडी वर्मा ने बताया कि मगरादेह ग्राम में आदिवासी परियोजना बागली के माध्यम से 31 परिवारों का कड़कनाथ मुर्गी पालन प्रोजेक्ट में चयन किया गया था। यह सभी हितग्राही बीपीएल श्रेणी के हैं। यहां इन सभी मुर्गी पालकों को आनंद नगर ले जाकर एक्सपोजऱ विजिट कराई गई थी। साथ ही प्रत्येक परिवार को मुर्गी पालन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रोजेक्ट के तहत प्रत्येक परिवार को 15 दिनों की आयु वाले 40-40 चूजे प्रदान किए गए हैं। इन्हें 30 हजार रुपए प्रति इकाई की लागत से दड़बा बना कर दिए गए हैं। साथ ही मुर्गियों के लिए 50 किलो दाना, आवश्यक दवाइयां और दाना-पानी देने के लिए बर्तन भी दिए गए हैं। उदयनगर के पशु चिकित्सक यहां नियमित रूप से भ्रमण कर चूजों की देखभाल सुनिश्चित करेंगे।
चूजे मिलने से प्रसन्न हितग्राही राधाबाई हरिसिंह, लक्ष्मीबाई शोभाराम और रुकली बाई ने बताया कि कड़कनाथ मुर्गी के चूजे मिलने से उन्हें एक नया सहारा मिल गया है। पशुपालन विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण अनुसार वे इन चूजों को बड़ा करेंगे।

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