प्रदेश में संजीवनी योजना के तहत – गौवंश के बनेंगे आधारकार्ड

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भोपाल। मध्यप्रदेश में देशी नस्लों के गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिये पशु संजीवनी योजना वर्ष 2017-18 के तहत बारह नंबरों वाले 90 लाख यूआईडी टैग लगाए जाएंगे। इससे पशुओं की हेल्थ, प्रोग्रेस, लोकेशन आदि पर नजर रखी जा सकेगी। इसके साथ ही पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा। सारी जानकारी आईएनएपीएच साफ्टवेयर पर अपलोड रहेगी।
यह जानकारी गत दिनों म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के संचालक मंडल की 74वीं बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता निगम के अध्यक्ष श्री मुंशीलाल ने की। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक डॉ. एच.बी.एस भदौरिया के साथ ही अधिष्ठाता, पशु चिकित्सा संकाय, जबलपुर, संचालक पशुपालन, उप सचिव, पशुपालन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, दुग्ध महासंघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि सुधार की प्रक्रिया के तहत वर्ष 2015-16 में 5.75 करोड़ के संचित लाभ में निगम आ गया है। इसके लिये संचालक मंडल ने प्रबंध संचालक डॉ. भदौरिया के प्रयासों की सराहना की।
आईवीएफ का प्रयोग होगा- भारत सरकार द्वारा प्रदेश में देशी नस्लों के संरक्षण और संवर्धन के लिये इन विट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक के उपयोग हेतु परियोजना स्वीकृत की गई है। वर्तमान में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक प्रयोगशाला संचालित है, जिसके माध्यम से 86 वत्सों का उत्पादन हो चुका है। भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक के साथ ही आईवीएफ तकनीक से वत्स उत्पादन होगा। गाय की साहीवाल, गिर, मालवी एवं निमाड़ी नस्लों का चयन किया गया है। केंद्रीय वीर्य संस्थान पर देशी नस्लों का सार्टेड सेक्स सीमन का उत्पादन किया जाएगा।

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