सेम, गोभी में माहो, इल्ली पर रोक

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

कृषि विज्ञान केन्द्र पन्ना के डॉं. बी. एस. किरार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉं. आर.के. जायसवाल एवं डॉ. आर.पी. सिंह वैज्ञानिकों द्वारा विगत दिवस जनवार में सब्जी उत्पादक कृषकों लखनलाल कुशवाहा, मनमोहन कुशवाहा, लक्ष्मणदास सुखरमानी, लक्ष्मी कुशवाहा आदि के खेतों पर सब्जी फसलों का अवलोकन करते हुये तकनीकी सलाह दी गयी। लखनलाल, मनमोहन, लक्ष्मी द्वारा सेम का विपुल उत्पादन सहारा करके किया जा रहा है। उन्हे सेम के प्रमुख कीट माहू एवं इल्ली के नियंत्रण के बारे में बताया गया। गोभी के कीट व बीमारियों के प्रबंधन पर भी सलाह दी गयी। भ्रमण के दौरान लहसुन एवं प्याज में रस चूसक कीट थ्रिप्स के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मिलीलीटर या फिप्रोनिल (5 प्रतिशत एस. एल.) 1 ग्राम प्रति लीटर पानी का घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई। प्याज एवं लहसुन में बैंगनी धब्बा रोग के बचाव हेतु कार्बेण्डाजिम (12 प्रतिशत), मेंकोजेब (63 प्रतिशत डब्ल्यू.पी.) 1.5 ग्राम या मेंकोजेब (75 डब्ल्यू. पी.) 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करने तथा टमाटर में फली भेदक कीट के नियंत्रण हेतु फ्लूबेंडामाइड (20 डब्ल्यू. जी) 100 ग्राम प्रति एकड़ तथा मिर्च एवं टमाटर में पत्ती सिकुडऩ (लीफ कर्ल) के नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 80 मिलीलीटर प्रति एकड़ का 200 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

4 × 1 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।