समस्या- हमारे यहां कामलिया कीट के आक्रमण से बहुत हानि होती है इसकी रोकथाम के लिये कोई जैविक दवा बताएं।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें

– रामभरोसे सेन, धार
समाधान- कामलिया कीट सामान्य रूप से हर वर्ष आता है फसलों को नुकसान पहुंचाता है के विषय में आपने जैविक नियंत्रण के लिये दवा पूछी है जैविक कीटनाशी सफलता से इस कीट का नियंत्रण करता है आप निम्न दवा घर में तैयार कर सकते हैं।
– इसके लिये तम्बाखू 1 किलो, 400 ग्राम नीम का तेल , 25 ग्राम कपड़े धोने का साबुन तथा 100 ग्राम धतूरा के पत्ते की आवश्यकता होती है।
– तम्बाखू के पत्ते को 5 लीटर पानी में भिगोकर 3 दिन तक रखें।
– तीन दिन बाद अच्छी तरह से पत्तों को मसलकर रस निकालें इसमें 100 काले धतूरे के पत्ते का रस तथा 250 ग्राम हरी मिर्च पीसकर मिला दें।
– 400 ग्राम नीम का तेल तथा 25 ग्राम कपड़े धोने के साबुन को अच्छी तरह से उपरोक्त बने तम्बाखू के घोल में मिला दें।
– 15 लीटर के पंप में 500 ग्राम घोल डालकर सुबह के समय छिड़काव करें।
– यह घोल कामलिया कीट के नियंत्रण के लिये उपयुक्त होगा।

व्हाट्सएप या फेसबुक पर शेयर करने के लिए नीचे क्लिक करें
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

five × 5 =

Open chat
1
आपको यह खबर अपने किसान मित्रों के साथ साझा करनी चाहिए। ऊपर दिए गए 'शेयर' बटन पर क्लिक करें।