समस्या- सरसों फसल में पौध संरक्षण के हिसाब से वर्तमान में क्या कार्य करें विस्तार से बतायें।

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– मनमोहन मौर्य, बम्होरी
समाधान– सरसों की फसल वर्तमान में फूल-फली की अवस्था में चल रही है इस मौके पर कीट/रोग के आक्रमण पर निरीक्षण और उपाय तत्परता से किया जाना जरूरी होगा। आप निम्न बातों पर ध्यान दें।

  • निचली पत्तियों पर यदि लाल रंग के किनारे दिख रहे हों तो इसे जिंक की कमी मानकर एक छिड़काव 1 किलो जिंक के साथ 5 किलो यूरिया 200 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।
  • पत्तियों में यदि सफेद फफोले दिखाई दे रहे हों तो 600 ग्राम डाईथेन एम 45 250-300 लीटर पानी में घोल बनाकर 15 दिनों के अंतर से दो छिड़काव करें।
  • इस छिड़काव से पत्तियों पर आने वाले अन्य रोगों को भी रोका जा सकता है।
  • माहो की रोकथाम बहुत ही जरूरी है इसके लिये 250 से 400 मि.ली. मेटासिस्टॉक्स 25 ई.सी. इतने ही लीटर पानी में मिलाकर 15 दिनों के अंतर से दो छिड़काव करें।
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