भारत-चीन कृषि व्यापार बढ़ाएंगे

Share

नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने गत दिनों यहां चीनी जनवादी गणराज्य के कृषि मंत्री श्री हान चांगफू और उनके साथ भारत की यात्रा पर आये प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। श्री राधामोहन सिंह ने कहा कि भारत चीन के साथ अपने संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है और चीन के साथ मैत्री को और भी आगे बढ़ाने और सहयोग आधारित संबंधों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में दोनों देशों के बीच कृषि के क्षेत्र में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे और अब तक उसमें अधिक प्रगति नहीं हुई है। सहमति पत्र के दायरे में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की ओर से नई परियोजनाओं की पहचान के लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है और इसके लिए नियमित रूप से संयुक्त कार्य समूहों की बैठकें आयोजित की जायेंगी। दोनों देशों ने ’21वीं सदी के लिए साझा दृष्टिकोणÓ पर एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जो क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दे पर काम करने की दिशा में हमारी रूचि को दर्शाता है।
श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2013-14 के दौरान भारत ने 2,68,000 करोड़ रुपये मूल्य के कृषि उत्पादों का निर्यात किया। इसी अवधि के दौरान चीन से 304.31 मिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का चीन से आयात किया गया।
चीन अन्य देशों से बड़ी मात्रा में कृषि उत्पादों का आयात करता रहा है और भारत के पास चीन को इन उत्पादों के निर्यात के लिए काफी संभावना है। दोनों देश आपसी द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के उपाय तलाशने के लिए साथ मिलकर काम कर सकते हैं। पशुधन उत्पादों, बासमती और गैर-बासमती चावल, ताजा फलों और सब्जियों के व्यापार के लिए अत्यधिक संभावना है।

Share
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.