प्रधानमंत्री की घोषणा फसल नुकसान पर 50 फीसदी अधिक मुआवजा

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33 फीसदी नुकसान पर पूरी राहत
नई दिल्ली। देश के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओलों की वजह से रबी की तैयार फसल बरबाद होने का सदमा झेल रहे किसानों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तोहफा दिया है। उन्होंने ऐलान किया कि बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण फसलों को नुकसान होने पर 50 फीसदी अधिक मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा मुआवजा पाने के लिए पात्रता के नियम भी नरम कर दिए गए हैं। अभी तक खड़ी फसल का 50 फीसदी हिस्सा बरबाद होने पर ही मुआवजा मिलता था, लेकिन अब 33 फीसदी फसल बरबाद होने पर भी किसान मुआवजे के हकदार होंगे।
प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए ये घोषणाएं माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनैंस एजेंसी लि. (मुद्रा) के उद्घाटन के मौके पर की। छोटे उद्यमियों के लिए मुद्रा आरंभ करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुआवजा अब बढ़कर डेढ़ गुना हो जाएगा यानी पहले जिस पर 100 रुपये मिलते थे, अब उसी पर 150 रुपये मिलेंगे।’ अभी तक प्राकृतिक आपदा के कारण जिन किसानों की फसल 50 फीसदी तक बरबाद होती थी, उन्हें 4,500 रुपये से 12,000 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलता था। लेकिन अब फसल को 33 फीसदी नुकसान होने पर भी 6,750 रुपये से 18,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले मुआवजे की दर में 2 से 5 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी होती थी लेकिन इस बार 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है।
मुआवजे में बढ़ोत्तरी से सरकारी खजाने पर कितना असर पड़ेगा, इसका आकलन अभी नहीं किया गया है, क्योंकि किसानों को नुकसान का भी आकलन किया जाना बाकी है। सरकार ने मुआवजे की रकम में बढ़ोत्तरी की है लेकिन नुकसान के अपने पूर्व के आकलन को घटा दिया है। पहले 1.8 करोड़ हेक्टेयर में नुकसान का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब इसे घटाकर 1.06 करोड़ हेक्टेयर कर दिया गया है और आगे इसे 85 लाख हेक्टेयर पर समेटा जा सकता है। श्री मोदी ने कहा, हमारे मंत्री कुछ प्रभावित इलाकों में गए हैं और नुकसान का मुआवजा कर वे वास्तविक आकलन करेंगे। अगर केवल 33 फीसदी नुकसान है तो भी हम मुआवजा देंगे।

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