ओला प्रभावित किसानों को मिलेगी राहत

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ज्ञातव्य है कि प्रदेश में गत दिनों हुई ओलावृष्टि एवं बेमौसम बरसात से रबी फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। राज्य के एक दर्जन से अधिक जिले के 350 से अधिक गांव की 1 लाख हेक्टेयर फसल प्रभावित होने का अनुमान है। प्रारंभिक आकलन में 250 करोड़ रुपये की फसल नुकसान होने का अनुमान है। वहीं  सरकारी आंकड़े के मुताबिक 9 जिलों में ओलावृष्टि के कारण लगभग 294 गांव की फसलें प्रभावित हुई हैं। इसमें ग्वालियर एवं चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। कृषि एवं राजस्व विभाग की टीम संयुक्त रूप से सर्वे कर रही है। कई जिलों में तेज हवा के कारण गेहूं की फसल लेट गई है चने की फलियां झड़ गई है।
देश में खरीफ 2016 से लागू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। राज्य शासन ने कलेक्टरों को प्रभावित फसलों का आकलन कर 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनियों को सूचित करने तथा स्थानीय जोखिम के आधार पर सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे किसानों को राहत मिल सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आग, बिजली, तूफान, ओलावृष्टि, अंधड़, चक्रवात, बवंडर, बाढ़, जलभराव, जमीन धंसने, सूखा, खराब मौसम, कीट एवं फसल को होने वाली बीमारियों आदि जोखिम से होने वाले नुकसान को कवर कर सुरक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके  साथ ही बीमा योजना में बोनी न हो पाने एवं फसल कटाई के बाद खलिहान में आपदा के कारण नुकसान पर दावा भी किया जा सकता है।
योजना के क्रिवान्वयन एवं मॉनीटरिंग के लिए राज्यस्तर पर फसल बीमा समन्वय समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त तथा जिला स्तर पर समिति के अघ्यक्ष कलेक्टर होते हैं, साथ ही विभिन्न शासकीय विभाग, बैंक एवं बीमा कम्पनियों के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं। फसलों का बीमा पटवारी हल्का स्तर एवं तहसील स्तर पर किया जाता है।
प्रदेश में इस वर्ष कुल 117.8 लाख हेक्टेयर में रबी फसलें बोई गई हैं वहीं देश में अब तक 637 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में रबी बोनी की गई है। राज्य में गेहूं की बोनी 61.80 लाख हेक्टेयर में तथा चने की बोनी 32.52 लाख हे. में की गई है। गत दिनों प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में कम दबाव बनने के कारण ओला एवं बारिश हुई। इससे राज्य के उत्तर एवं पश्चिमी भाग के जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, मंदसौर एवं नीमच जिलों में ओलों से अधिक नुकसान की खबर है। इन जिलों में बेर के आकार के ओले गिरे हैं। जिससे गेहूं, चना, सरसों एवं मसूर  की फसलें प्रभावित हुई हैं। भोपाल, सीहोर, होशंगाबाद, गुना, शिवपुरी, अशोक नगर, श्योपुर कलां, इंदौर, खंडवा, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, रीवा, सीधी, सागर, छतरपुर, जबलपुर, दमोह, सतना एवं बुरहानपुर जिलों में बारिश तथा कहीं-कहीं ओले गिरने  की खबर है।

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