इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय द्वारा विकसित जिंक चावल-1 किस्म रिलीज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की 10 नई किस्मों को राष्ट्रीय स्तर पर जारी किया जा चुका है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस पर यहां के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित चावल की नई किस्म ‘छत्तीसगढ़ जिंक चावल-1Ó को जारी किया है। इससे पहले विगत वर्षों में राज्य के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित चावल, मटर, अलसी, कोदो और कुटकी की नौ नई किस्में राष्ट्रीय स्तर पर जारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस बड़ी उपलब्धि के लिए राज्य के कृषि वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री राधामोहन सिंह ने कार्यक्रम में खेती-किसानी से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण तकनीकों और परियोजनाओं को भी लांच किया। इसमें फसलों के लिए 12 बायोफोर्टीफाइड किस्में भी शामिल हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की नौ किस्मों को राष्ट्रीय स्तर पर जारी किया जा चुका है। इनमें इंदिरा मटर-1, छत्तीसगढ़ जिंक चावल-1 (सीजीजेडआर-1) (सीजीजेडआर-1)(आईईटी सं. 23824, आर-आरएचजेड-2) (आर-1033-968-2-1), छत्तीसगढ़ बादशाह भोग चावल चयन-1, तरूण भोग चयन-1, दुबराज चयन-1, छत्तीसगढ़ कुटकी-2 (बीएल-4), छत्तीसगढ़ अलसी-1(आरएलसी – 133), विष्णुभोग चयन-1, छत्तीसगढ़ कोदो-2 शामिल हैं।

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