अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण में डिण्डौरी के दो प्रगतिशील किसान हुए शामिल
23 मार्च 2026, डिंडोरी: अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण में डिण्डौरी के दो प्रगतिशील किसान हुए शामिल – आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर पहल जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA), जबलपुर द्वारा मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से गत दिनों सात दिवसीय अंतर्राज्यीय शैक्षणिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकी, अनुसंधान गतिविधियों तथा जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती की नवीन पद्धतियों से अवगत कराना था।
इस शैक्षणिक भ्रमण में मध्यप्रदेश के 9 जिलों से 15 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। डिण्डौरी जिले से किसान श्री हेतराम साहू एवं श्री वरूण गोस्वामी ने सहभागिता कर जिले का प्रतिनिधित्व किया। किसानों में भ्रमण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। भ्रमण के दौरान किसानों ने बिहार स्थित प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान संस्थानों का दौरा किया। इनमें भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय तथा BISA शामिल रहे। किसानों ने यहां वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बीज उत्पादन एवं गन्ना तकनीक पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बीज उत्पादन तकनीक पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन, किस्म की शुद्धता बनाए रखने एवं अधिक उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही गन्ना उत्पादन की उन्नत तकनीकों जैसे उन्नत किस्म चयन, पोषक तत्व प्रबंधन, जल प्रबंधन एवं कीट-रोग नियंत्रण की भी जानकारी दी गई।
किसानों को संरक्षण कृषि (Conservation Agriculture) की अवधारणा से अवगत कराया गया। न्यूनतम जुताई, फसल अवशेष प्रबंधन एवं फसल विविधीकरण के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य सुधार, जल संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचाव के उपाय बताए गए। बागवानी फसलों से आय बढ़ाने के अवसर भ्रमण के दौरान शिमला मिर्च, स्ट्रॉबेरी एवं लीची जैसी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों की उन्नत खेती, संरक्षित खेती, पौधशाला प्रबंधन एवं पोषक तत्व प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर बल दिया गया। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. पंकज कुमार (परियोजना समन्वयक, BISA) एवं डॉ. विवेक सिंह (प्रशिक्षण समन्वयक) के मार्गदर्शन में किया गया।
भ्रमण के अंत में किसानों ने इसे अत्यंत लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें आधुनिक तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। साथ ही उन्होंने सीखी गई तकनीकों को अपने क्षेत्रों में अपनाने एवं अन्य किसानों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। सतत कृषि की दिशा में मजबूत कदम इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण किसानों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद को सशक्त बनाते हैं तथा सतत कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने की दिशा में यह पहल एक सराहनीय कदम है।
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