दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर से होगा प्रारंभ
12 दिसंबर 2025, छिन्दवाड़ा : दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसंबर से होगा प्रारंभ – उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ.एच.जी.एस.पक्षवार ने बताया कि हमारे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार पशुपालकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान, तकनीकी जागरूकता तथा उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में विभाग द्वारा सतत् नवाचार किये जा रहे हैं। नवाचार की इसी श्रृंखला में पशुपालन विभाग द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में “दुग्ध समृध्दि सम्पर्क अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक सुधार लाने के लिये पशुपालकों से गृह भेंट कर उनको तीन मुख्य स्तंभों नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर व्यापक रूप से जागरूक करना है। यह सम्पूर्ण अभियान तीन चरणों में संचालित किया जाना है।
कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार के निर्देशों के परिपालन में अभियान का प्रथम चरण 02 से 09 अक्टूबर 2025 तक जिला छिंदवाड़ा एवं पांढुर्ना में सफलतापूर्वक संचालित किया गया । प्रथम चरण में छिंदवाड़ा जिले के कुल 184 कार्यकर्ताओं द्वारा 1536 ग्रामों के कुल 6875 पशुपालकों जिनके पास 32668 पशु संख्या है के घर जाकर भेंट दी गई । इसी प्रकार प्रथम चरण में पांढुर्णा जिले के कुल 44 कार्यकर्ताओं द्वारा 238 ग्रामों के कुल 1083 पशुपालकों जिनके पास 9287 पशु संख्या है के घर जाकर भेंट दी गई।
अभियान का द्वितीय चरण में समस्त राज्य में 17 दिसम्बर 2025 से प्रारंभ किया जाना है, जिसमें 5 से 9 गौवंशीय तथा भैंस वंशीय पशु रखने वाले पशुपालकों से जिले के समस्त ग्रामों में सम्पर्क किया जाएगा। अभियान के लिये दिशा-निर्देश दिये गये है कि अभियान की अवधि न्यूनतम 07 दिवस एवं अधिकतम 15 दिवस रखी गई है। अभियान को निर्धारित समयसीमा में ही गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रत्येक विकासखण्ड से एक पशु चिकित्सक को मास्टर ट्रेनर के रूप में राज्य स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभियान में उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पक्षवार के माध्यम से सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री, गौ सेवक, पशु सखी एवं अन्य का तिथिवार, ग्रामवार रूट चार्ट तैयार किया गया है ।
अभियान प्रारंभ होने से पूर्व समस्त स्मार्ट ग्राम पंचायतों, स्थानीय समाचार पत्रों, आकाशवाणी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराया गया है, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक लाभान्वित हो सकें। जिले में हो रहे नवाचार की जानकारी संकलित कर वरिष्ठ कार्यालय को भेजी जायेगी । अभियान के प्रथम चरण में कुछ उदाहरण पशुपालकों को जिला स्तर पर चयनित किया गया है। यह अभियान पशुपालकों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसकी सफलता पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों एवं गौ सेवक मैत्री कार्यकर्ता एवं जिले के पशुपालकों पर निर्भर है। उप संचालक डॉ.पक्षवार द्वारा बताया गया कि जिले में इस अभियान को एक आदर्श उदाहरण के रूप में स्थापित किया जायेगा ।
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