Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राज्य कृषि समाचार (State News)

पंजाब में किसानों के लिए एआई आधारित कृषि सलाह सेवा का दायरा बढ़ेगा, तीन संस्थाओं में करार

20 अक्टूबर 2026, चंडीगढ़: पंजाब में किसानों के लिए एआई आधारित कृषि सलाह सेवा का दायरा बढ़ेगा, तीन संस्थाओं में करार – पंजाब के किसानों तक मौसम, कीट-रोग और फसल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी आसानी से पहुंचाने के लिए तीन संस्थाओं ने हाथ मिलाया है। आईआईटी रोपड़ के “अन्नम.एआई” केंद्र, एनआईसी पंजाब और पंजाब राज्य किसान आयोग (पीएसएफसी) के बीच इस सिलसिले में एक समझौता हुआ है।

यह सेवा देने वाली संस्था अन्नम.एआई को शिक्षा मंत्रालय के राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत आईआईटी रोपड़ में स्थापित किया गया है। इसे कृषि के क्षेत्र में एआई पर देश का पहला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” बताया जाता है, जो एआई, आईओटी, रिमोट सेंसिंग, मौसम विश्लेषण और डेटा एनालिटिक्स पर काम करता है।

समझौते के तहत अन्नम.एआई की “अन्नम चैट इंजन” नाम की सेवा को एनआईसी और पीएसएफसी के साझा कृषि डेटा पोर्टल से जोड़ा जाएगा। यह सेवा कई भाषाओं में किसानों के सवालों के विशेषज्ञ-सत्यापित जवाब देती है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

किसान कॉल सेंटर से जुड़ेगी एआई चैट सेवा

इसके साथ ही मौजूदा किसान कॉल सेंटर सेवा को भी इस नए सिस्टम से जोड़ने की योजना है, जिसमें आवाज आधारित इंटरफेस, चैटबॉट और मोबाइल ऐप जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। आगे चलकर कीट-रोग पहचानने वाले एआई टूल और स्थानीय मौसम की जानकारी देने वाले आईओटी सिस्टम को भी इसमें जोड़ा जाएगा।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

करार पर आईआईटी रोपड़ की ओर से अन्नम.एआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह, पीएसएफसी के अध्यक्ष डॉ. सुखपाल सिंह और एनआईसी पंजाब के राज्य सूचना अधिकारी विवेक वर्मा ने हस्ताक्षर किए।

डॉ. पुष्पेंद्र पी. सिंह ने कहा कि इस करार का मकसद ऐसे व्यावहारिक और तकनीक आधारित समाधान आगे बढ़ाना है जो कृषि सलाह सेवाओं को मजबूत कर सकें। विवेक वर्मा ने कहा कि यह साझेदारी कृषि क्षेत्र में एआई को बड़ा बढ़ावा देगी, और उन्होंने इसे एनआईसी के देशभर के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में भी दोहराने की बात कही।

इस साझेदारी में अन्नम.एआई अपनी एआई तकनीक देगा, एनआईसी पंजाब डिजिटल प्लेटफॉर्म और गवर्नेंस में एआई की तकनीकी समझ देगा, जबकि पीएसएफसी किसानों की जरूरतों और कृषि क्षेत्र की जानकारी देगा।

गांव-गांव तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश

पंजाब में ज्यादातर किसान छोटी जोत पर खेती करते हैं और फसल में किसी भी तरह की समस्या आने पर अक्सर उन्हें सही सलाह के लिए कृषि अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र तक पहुंचना पड़ता है, जिसमें समय लग जाता है। मोबाइल पर ही भाषा में सलाह मिल जाने से यह दूरी कम हो सकती है।

अन्नम.एआई इससे पहले पंजाब में 100 एआई आधारित मौसम स्टेशन लगा चुका है, जिनका मकसद खेत के स्तर पर तापमान, नमी और बारिश जैसी जानकारी किसानों तक मुफ्त पहुंचाना है। इस नए करार के बाद उम्मीद है कि ऐसी जानकारी सीधे किसानों के फोन तक आसान भाषा में पहुंच सकेगी।

फिलहाल समझौते में कितने जिलों या किसानों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा, इसकी कोई समय-सीमा या आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। पंजाब राज्य किसान आयोग का कहना है कि तकनीक आधारित सलाह सेवाओं से किसानों को समय पर सही फैसला लेने में मदद मिलेगी, खासकर उन इलाकों में जहां कृषि विस्तार अधिकारियों की संख्या सीमित है।

पंजाब जैसे राज्यों में कीटनाशक और खाद के इस्तेमाल को लेकर सही समय पर सलाह न मिलने से किसानों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। मौसम में अचानक बदलाव या किसी कीट के अचानक प्रकोप की स्थिति में अगर किसान को स्थानीय भाषा में तुरंत सही जानकारी मिल जाए, तो समय पर सही कदम उठाकर नुकसान को कम किया जा सकता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में कृषि विभाग और तकनीकी संस्थान मिलकर इस तरह की डिजिटल सलाह सेवाएं बनाने में जुटे हैं, जिनमें मोबाइल ऐप, वॉट्सऐप आधारित सेवा और एआई चैटबॉट शामिल हैं। पंजाब में बनने वाला यह मंच भी उसी दिशा में एक कदम है, जिसमें स्थानीय संस्थान की तकनीकी क्षमता को सरकारी ढांचे से जोड़ा जा रहा है।

पंजाब राज्य किसान आयोग इससे पहले भी किसानों की फसल विविधीकरण, आय और जल संकट से जुड़ी सिफारिशें राज्य सरकार को देता रहा है। आयोग को उम्मीद है कि यह नई साझेदारी आगे चलकर उसकी सिफारिशों को ज्यादा किसानों तक पहुंचाने का एक जरिया बनेगी।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture