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राज्य कृषि समाचार (State News)

गुना में गुलाब की खेती से होगी बंपर कमाई, किसानों की आय 30 लाख रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य

02 जुलाई 2026, गुना: गुना में गुलाब की खेती से होगी बंपर कमाई, किसानों की आय 30 लाख रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य – मध्यप्रदेश के गुना जिले में गुलाब की वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में बेंगलुरु से आए विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से गुलाब उत्पादन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में युवा किसान, गुलाब उत्पादक और पॉलीहाउस स्थापित कर रहे कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन तथा उद्यानिकी विभाग के सहयोग से आयोजित इस तीन घंटे के प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उत्पादन, गुणवत्ता और आय में वृद्धि करना था।

पॉलीहाउस से पैकेजिंग तक सिखाई आधुनिक तकनीक

प्रशिक्षण के दौरान एग्रीप्लास्ट कंपनी के अनुभवी एग्रोनॉमिस्ट ने किसानों को पॉलीहाउस निर्माण से लेकर वैज्ञानिक तरीके से गुलाब उत्पादन की पूरी तकनीक समझाई। किसानों को बताया गया कि पॉलीहाउस बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और बेहतर उत्पादन के लिए कौन-कौन सी आधुनिक तकनीकें अपनानी जरूरी हैं।

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विशेषज्ञों ने मिट्टी परीक्षण, उपयुक्त खाद का चयन, बेड निर्माण, ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन, तापमान और आर्द्रता नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था, पौधों के बीच उचित दूरी, सही किस्मों का चयन, मल्चिंग, वीडमैट का उपयोग, मिट्टी और पानी के पीएच का महत्व तथा पानी में घुलनशील उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी। इसके अलावा बेंडिंग और पिंचिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

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बीमारियों की रोकथाम और बेहतर बाजार की जानकारी

प्रशिक्षण में किसानों को गुलाब की विभिन्न बीमारियों और कीटों की पहचान, उनके नियंत्रण और समेकित प्रबंधन की जानकारी भी दी गई। साथ ही गुणवत्तापूर्ण फूल उत्पादन के लिए हार्वेस्टिंग, प्री-कूलिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि यदि किसान उत्पादन के साथ गुणवत्ता और सही पैकेजिंग पर ध्यान दें, तो उन्हें बेहतर बाजार और अधिक कीमत मिल सकती है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने अपनी जिज्ञासाएं भी विशेषज्ञों के सामने रखीं, जिनका विस्तार से समाधान किया गया।

30 लाख रुपये तक प्रति एकड़ आय बढ़ाने का लक्ष्य

कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि जिले का उद्देश्य केवल गुलाब का रकबा बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन, फूलों की गुणवत्ता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रति एकड़ लगभग 5 लाख स्टिक उत्पादन होता है, जिसे बढ़ाकर 7 लाख स्टिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग, मजबूत ब्रांडिंग और कोल्ड चेन व्यवस्था विकसित कर फूलों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जाएगी तथा निर्यात की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।

कलेक्टर ने कहा कि इन प्रयासों से किसानों का प्रति एकड़ शुद्ध लाभ वर्तमान 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 से 30 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी रणनीति के बल पर जिले में पांच वर्ष से पहले 500 एकड़ पॉलीहाउस में गुलाब की खेती का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

आधुनिक तकनीक से जुड़े किसान

उप संचालक उद्यान के.पी.एस. किरार ने कहा कि किसानों को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ना भी जरूरी है। ऐसे विशेषज्ञ प्रशिक्षण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के साथ बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने में मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि उद्यानिकी विभाग आगे भी समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि गुना के किसान आधुनिक फ्लोरीकल्चर के क्षेत्र में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बना सकें। 

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