पौष्टिकता से भरपूर मूंग और उड़द की फसलें
17 मार्च 2026, इंदौर: पौष्टिकता से भरपूर मूंग और उड़द की फसलें – जायद और खरीफ में बोई जाने वाली मूंग , लेग्यूमिनेसी कुल की एक महत्वपूर्ण भारतीय दलहन फसल है। यह एक सूखा-सहनशील, नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाली फसल है, जो कम समय (60-70 दिन) में तैयार होती है। इसमें बायोएक्टिव यौगिक, पॉलीफेनॉल और पेप्टाइड्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और उच्च रक्तचाप विरोधी गुण प्रदान करते हैं।
उष्णकटिबंधीय फसल : मूंग का वानस्पतिक नाम विग्ना रेडियाटा है। मूंग में लगभग 25% प्रोटीन, 60% कार्बोहाइड्रेट, 13% वसा (वसा की मात्रा कम होती है), फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पॉलीफेनॉल प्रचुर मात्रा में होते हैं, विशेषकर इसके छिलके में होता है । यह उष्णकटिबंधीय फसल है, जो सूखे को सहन कर सकती है। यह नाइट्रोजन स्थिरीकरण द्वारा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और कम समय में तैयार होने वाली ‘जायद’ या ग्रीष्मकालीन फसल है।
स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से मूंग : वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह अत्यधिक सुपाच्य प्रोटीन स्रोत है। मूंग एंटीऑक्सीडेंट और सूजन रोधी है। इसमें उच्च मात्रा में पॉलीफेनोल्स, फ्लेवोनोइड्स और टैनिन होते हैं, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करते हैं। इसमें मौजूद पेप्टाइड्स से ब्लड प्रेशर और कार्डियोवैस्कुलर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। प्रायः मूंग का उपयोग पाचन संबंधी विकारों के लिए किया जाता है ,क्योंकि मूंग प्रोटीन (20-24%), फाइबर, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट का उच्च स्रोत है, जो पचने में आसान और पौष्टिक है। अंकुरित मूंग में पोषक तत्व दोगुने हो जाते हैं। यह वजन प्रबंधन, मधुमेह, और पाचन स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन है। पीली, छिलके वाली दाल और साबुत मूंग विभिन्न भारतीय व्यंजनों में प्रयुक्त किए जाते हैं। मूंग दाल की खिचड़ी और अंकुरित नाश्ते में इसका उपयोग प्रमुखता से होता है। मूंग दाल में कार्ब्स बहुत कम होते हैं और यह पोटैशियम, मैग्नीशियम, जिंक, आयरन, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स और फोलेट से भरपूर है। अंकुरित मूंग का न्यूट्रिबर स्कोर 711 है, जो इसे अत्यधिक पौष्टिक बनाता है। यह विटामिन K (दैनिक आवश्यकता का 29%) और पॉलीफेनोल्स प्रदान करता है। यह कब्ज, बुखार, और खराब पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद प्रोटीन (एल्बुमिन और ग्लोबुलिन) शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करते हैं। वस्तुतः मूंग, प्रोटीन का एक बहुमुखी और पौष्टिक स्रोत है जिसे नियमित आहार में शामिल किया जा सकता है।
उड़द फसल का महत्व : इसी तरह उड़द भी प्रोटीन, फाइबर, आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर एक अत्यंत पौष्टिक दलहन है, जो मांसपेशियों की वृद्धि, पाचन तंत्र और हड्डियों की मजबूती के लिए उत्कृष्ट है। यह ऊर्जा का स्तर बढ़ाती है, हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती है और ग्लूटेन-मुक्त होने के कारण शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक प्रमुख स्रोत है।
उड़द के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ – उच्च फाइबर सामग्री पाचन में सहायता करती है और कब्ज को दूर करती है। मैग्नीशियम और पोटेशियम की उपस्थिति के कारण, यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हृदय को स्वस्थ रखती है। आयरन की प्रचुरता के कारण यह एनीमिया को रोकने और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करती है। कैल्शियम और फास्फोरस का अच्छा स्रोत होने के कारण यह हड्डियों को मजबूत बनाती है।इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा की चमक बढ़ाते हैं। इसमें फोलिक एसिड (विटामिन B9) होता है, जो कोशिका वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। इसे पोषक तत्वों का पावर हाउस भी कहा जाता है।
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