राज्य कृषि समाचार (State News)

MP Weather Update:एमपी के 25 जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट, IMD ने किसानों को दी अहम सलाह

31 मार्च 2026, भोपाल: MP Weather Update:एमपी के 25 जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट, IMD ने किसानों को दी अहम सलाह – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) भोपाल द्वारा जारी 31 मार्च 2026 की रिपोर्ट  के अनुसार मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।  पिछले 24 घंटों के दौरान इंदौर, नर्मदापुरम, उज्जैन, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल और ग्वालियर संभाग में कुछ स्थानों पर वर्षा हुई। शेष जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।

मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन कई संभागों में यह सामान्य से 1.6°C से 3.1°C तक अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.4°C खजुराहो (छतरपुर) में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 14.4°C चित्रकूट (सतना) में दर्ज हुआ।

इन जिलों में येलो अलर्ट, आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी

IMD भोपाल ने प्रदेश के कई जिलों में झंझावत, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिलों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ आंधी-तूफान-बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

कहां रहा सबसे ज्यादा और कम तापमान

प्रदेश के पांच सबसे गर्म स्थानों में खजुराहो (40.4°C), नर्मदापुरम (40.2°C), मंडला (39.7°C), रतलाम (39.6°C) और उमरिया/जबलपुर (39.3°C) शामिल रहे।

वहीं, न्यूनतम तापमान में चित्रकूट (14.4°C), राजगढ़ (16.0°C), पचमढ़ी (16.8°C), मंदसौर (17.6°C) और मरुखेड़ा (नीमच) 17.9°C के साथ सबसे ठंडे स्थान रहे।

तेज हवाओं और बारिश का असर

प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिला। नर्मदापुरम में 63 किमी/घंटा, भोपाल में 54 किमी/घंटा और सीहोर में 52 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका है।

सक्रिय मौसम प्रणालियों से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के साथ ही राजस्थान और उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा एक ट्रफ रेखा मध्यप्रदेश से दक्षिण भारत तक फैली हुई है। IMD ने संकेत दिए हैं कि 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे प्रदेश के मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस दौरान सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव से बचें। सब्जी और बेल वाली फसलों को सहारा दें तथा कटाई की गई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें।

खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें ताकि जलभराव से बचा जा सके। नर्सरी और संवेदनशील फसलों को पॉलीथिन या जाल से ढककर सुरक्षित रखें। आंधी-तूफान के दौरान पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और बिजली कड़कने के समय खुले में जाने से बचें। 

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