राज्य कृषि समाचार (State News)

अधिकतम उत्पादन के साथ ही उपज की गुणवत्ता बनाए रखना अति आवश्यक – कलेक्टर झाबुआ

  कृषि एवं संबद्ध विभागों की जिला स्तरीय क्रियान्वयन समितियों की बैठक  सम्पन्न

21 मार्च 2026, झाबुआ: अधिकतम उत्पादन के साथ ही उपज की गुणवत्ता बनाए रखना अति आवश्यक – कलेक्टर झाबुआ – तेजी से बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य और बढ़ती हुई जनसंख्या के भार के बीच आम जन के लिए गुणवत्ता युक्त खाद्यान्न मुहैया करवाना एक चुनौती है। खेती किसानी में अधिकतम उत्पादन लेने के साथ-साथ उपज की गुणवत्ता बनाये रखना भी अति आवश्यक है। घातक रसायनों से मुक्त और पोषक तत्वों से युक्त शुद्ध अनाज, फल और शाक-सब्जी के सेवन से ही मनुष्य स्वयं को और आने वाली पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य की संकल्पना साकार कर सकता है। उन्नत कृषिगत तकनीकी के साथ-साथ पारंपरिक बौद्धिक ज्ञान और प्राकृतिक खेती, जैविक खेती की विधाओं का युक्तियुक्त संयोजन करते हुए पौष्टिक खाद्यान्न उपलब्ध करवाना कृषक समुदाय का ध्येय होना चाहिए। घातक रसायनों से प्रमाणित जैविक कृषि उत्पादों का आज के दौर में प्रतिस्पर्धी  बाजार   मूल्य  किसानों को सुलभता से प्राप्त होने की भरपूर संभावनाएं  हैं । पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अच्छी आय देने वाली कई फसलों के विकल्प भी हमारे पास उपलब्ध है। नवीन फसलों की ओर प्रयोगधर्मिता के साथ पर्यावरण संरक्षणीय प्राकृतिक खेती से किसान समुदाय के सुदृढ़ आर्थिक विकास के नये आयाम खुलेंगे। उक्त उदगार कलेक्टर नेहा मीना ने कृषक कल्याण वर्ष 2026, कृषि एवं संबद्ध विभाग अन्तर्गत संचालित धरती माता बचाओ, प्राकृतिक खेती, आत्मा, उर्वरक ई विकास प्रणाली, परम्परागत कृषि विकास योजना, फसल बीमा, नरवाई प्रबंधन, सहित योजनाओं, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग अंतर्गत विभिन्न जिला स्तरीय समितियों की समीक्षा बैठक में व्यक्त कर  जिले के विभिन्न अंचलों से आमंत्रित किसानों और अशासकीय सदस्यों को अभिप्रेरित किया।

बैठक के दौरान कलेक्टर नेहा मीना ने कृषिगत विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में खेती-किसानी के क्षेत्र में किये जा रहे अभिनव प्रयासों और फसलों के उत्पादन के साथ-साथ फसल उपज, जैविक उपज के सुगमता पूर्वक विक्रय के लिए भी उत्तरोत्तर प्रयास किये जायें। बैठक में उपस्थित कृषक प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि, खेती-किसानी में दीर्घकालिक टिकाऊ आय प्राप्त करने के लिए प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने  निर्देशित किया  कि प्राकृतिक खेती कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए क्लस्टर आधारित अप्रोच किया जाना चाहिए। कृषि विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों, धरती माता बचाओ कार्यक्रम, उर्वरक ई विकास वितरण प्रणाली, मृदा परीक्षण, तिलहन मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, आत्मा, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी विभाग की बागवानी मिशन, खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं, जिला पशु कल्याण समिति, डिजिटल लाईव स्टॉक मिशन समिति सहित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष अंतर्गत शत प्रतिशत पूर्ति के निर्देश दिये गये। शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की आम कृषक तक जानकारी सुगमता और सरलता से पहुंचाने के निर्देश दिये। अप्रैल, मई और जून माह अंतर्गत नियोजित विभिन्न क्रियाकलापों के लिये कैलेण्डर बनाये जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

जिले में प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक मेघनगर विकासखंड के ग्राम नरसिंगपुरा के श्री दलसिंह परमार, रामा विकासखण्ड के रोटला ग्राम के प्रगतिशील कृषक श्री रमेश जवा परमार, सहित अन्य  कृषकों  से भी चर्चा की। बैठक में श्रीमती शांति खुशाल, थांदला विकासखण्ड के ग्राम सुतरेटी श्री दलीया वसना, श्री रमेश सोयडा, श्री मालूसिंह जवरीया, धूलीबाई, श्री अमर सिंह, श्री अजय अमरोज सहित कृषक सदस्यों ने बैठक के दौरान अपनी सहभागिता दर्ज की।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री नगीन सिंह रावत, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मौर्य, उद्यानिकी विभाग के श्री बी.एस.चौहान, पशुपालन विभाग के डॉ. ए.एस.दिवाकर, लीड बैंक मैनेजर मो. अल्ताफ, उद्योग विभाग से पिंकी डिंडोर, जल संसाधन विभाग से पाटीदार, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री जे.के.मीणा, आजिविका मिशन से सोनिया कटारा, मण्डी सचिव श्री अनिल भूरिया, जिला विपणन अधिकारी अमिता मोरे, परियोजना संचालक आत्मा श्री गौरीशंकर त्रिवेदी, सहायक संचालक कृषि श्री संतोष सिंह मोर्य, श्री मालसिंह धार्वे, डॉ. अमित दोहरे, श्री बल्लूसिंह चौहान, सहकारिता विभाग के पालीवाल, कृषि विभाग से श्री ब्रजेश गोठवाल, श्री मयंक चावडा सहित उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन, उद्योग, स्वैच्छिक संगठन, आसा संस्था सहित खेती किसानी से जुड़े विभिन्न विभागों और संस्थाओं के जिला अधिकारियों, विकासखण्ड स्तरीय अमला उपस्थित रहे।

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