मध्यप्रदेश: समन्वित खेती से चमकी नरसिंहपुर के किसान की किस्मत, सालाना कर रहे 2.50 लाख की कमाई
10 मार्च 2026, नरसिंहपुर: मध्यप्रदेश: समन्वित खेती से चमकी नरसिंहपुर के किसान की किस्मत, सालाना कर रहे 2.50 लाख की कमाई – परियोजना संचालक आत्मा आर.पी. झारिया एवं नरसिंहपुर के बीटीएम अरूण परतेती ने ग्राम चिरचिटा का 6 मार्च को भ्रमण कर कृषकों से चर्चा की। किसानों को समन्वित एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
विकासखंड गोटेगांव के ग्राम चिरचिटा के प्रगतिशील कृषक श्री कृष्ण पाल लोधी समन्वित एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये प्रति एकड़ की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मा परियोजना के विकासखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) द्वारा दी गई तकनीकी सलाह के आधार पर उन्होंने अपने खेतों में समन्वित एवं प्राकृतिक खेती की पद्धति अपनाई है।
किसान लोधी द्वारा अपने 5 एकड़ क्षेत्र में विविध फसलों का समन्वित ढंग से उत्पादन किया जा रहा है। इसमें अनाज फसल के रूप में गेहूं, दलहनी फसलों में चना, मूंग, उड़द, अरहर एवं मटर, मसाला फसलों में अदरक, धनिया एवं लहसुन के साथ-साथ साग-भाजी का उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही वे पराली प्रबंधन, वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण तथा गौपालन भी कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और उत्पादन में वृद्धि हो रही है।
इसके अतिरिक्त किसान लोधी द्वारा गन्ने की खेती भी की जा रही है, जिससे विभिन्न स्वादों का प्राकृतिक गुड़ तैयार किया जाता है। उनकी इस पहल से जहां उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है, वहीं क्षेत्र के खेतीहर मजदूरों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
परियोजना संचालक आत्मा आरपी झारिया ने जिले के अन्य किसानों से अपील की है कि वे भी समन्वित एवं प्राकृतिक खेती की पद्धति अपनाते हुए पराली प्रबंधन, गौपालन एवं केंचुओं के माध्यम से जैविक खाद निर्माण करें तथा ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द की खेती कर कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त करें।
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