राज्य कृषि समाचार (State News)पशुपालन (Animal Husbandry)

गौपालन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने जितेंद्र

01 जनवरी 2026, नीमच: गौपालन कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने जितेंद्र – नीमच जिले के विकासखंड मनासा के ग्राम भाटखेड़ी के युवा श्री जितेन्द्र पिता रामेश्वर पाटीदार के पास कोई कृषि भूमि नहीं है। उनकी आजीविका का एक मात्र साधन पशुपालन है। वर्तमान में जितेन्द्र के पास 10 गायें एवं तीन बछड़ियाँ है  इनमें  से 5 गाय दूध दे रही है तथा 5 गर्भवती है।

जितेन्द्र, गोपालन कर प्रतिमाह 60 हजार रुपये का दूध विक्रय करते है।जितेन्द्र, गायों का प्रजनन प्रबंधन इस प्रकार करते हैं कि वे प्रतिवर्ष गायो से  बछिया  प्राप्त कर लेते हैं, प्रजनन हेतु वे अपनी गायों को सेक्स सॉर्टेड सीमन लगाते  हैं ,  ताकि उन्हें उन्नत नस्ल की बछिया प्राप्त हो सके। गायों से प्रतिवर्ष बछिया प्राप्त करने से जहां मादा वंश की संख्या बढ़ रही है, वहीं गायों की शुष्क अवधि कम होने से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहे है।

पशुपालक जितेन्‍द्र हरा चारा उगाते है तथा उसकी कुट्टी कर पशुओं को खिलाते हैं। पशुशाला में चारा खाने की मेंजर तथा ऑटोमेटिक पानी की व्यवस्था कर रखी है साथ ही मिल्किंग मशीन भी लगा रखी है। इस तरह उन्नत नस्ल का गौ पालन कर, जितेन्‍द्र आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन गये है। उन्‍होने दुग्‍ध उत्‍पादन कर, अपनी समृद्धि की राह चुनी है। इसमें वे पूरी तरह सफल भी हुए है।  

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