राज्य कृषि समाचार (State News)

IMD अलर्ट: मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम, कई जिलों में हल्की बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

30 मार्च 2026, भोपाल: IMD अलर्ट: मध्यप्रदेश में बदलेगा मौसम, कई जिलों में हल्की बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं – भारतीय मौसम विभाग, भोपाल (IMD) के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के सभी संभागों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा। अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ और यह अधिकांश जिलों में सामान्य के आसपास रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में भोपाल और उज्जैन संभाग में 2.8 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम और खंडवा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस कटनी जिले के करौंदी में रिकॉर्ड किया गया।

सबसे गर्म और ठंडे जिले

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में नर्मदापुरम और खंडवा (38.5°C) शीर्ष पर रहे, इसके बाद रतलाम (38.2°C), खरगोन (38.0°C), विदिशा और बैतूल (37.7°C) तथा खजुराहो और नरसिंहपुर (37.6°C) शामिल रहे।

वहीं सबसे कम तापमान वाले क्षेत्रों में कटनी का करौंदी (15.5°C) सबसे ठंडा रहा। इसके अलावा पचमढ़ी (15.8°C), शहडोल का कल्याणपुर (15.9°C), अनूपपुर का अमरकंटक (16.1°C) और सतना-दमोह क्षेत्र (18.4°C) अपेक्षाकृत ठंडे रहे।

मौसम की स्थिति और चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न ट्रफ सिस्टम सक्रिय हैं, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव संभव है। कुछ जिलों – राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कहीं-कहीं आंधी और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

किसानों के लिए सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि गेहूं की फसल में दाना भरने की अवस्था के दौरान समय पर सिंचाई कर मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखें। फसलों की नियमित निगरानी करें और कीट या रोग दिखाई देने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाएं।

पक चुकी सरसों और अन्य रबी फसलों की समय पर कटाई करें ताकि दाने झड़ने से नुकसान न हो। जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां ग्रीष्मकालीन फसलें जैसे मूंग और उड़द की बुवाई जारी रखें। सब्जी फसलों—टमाटर, मिर्च और बैंगन में नियमित सिंचाई और पोषक तत्व प्रबंधन जरूरी है।

बागवानी फसलों में फूल और फल बनने की अवस्था में कीटों और रोगों पर विशेष निगरानी रखें और आवश्यकतानुसार पौध संरक्षण उपाय अपनाएं, ताकि उत्पादन और गुणवत्ता बेहतर बनी रहे।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements