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राज्य कृषि समाचार (State News)

राजस्थान में लॉन्च हुआ एफएसएएस सिस्टम: अब किसान मोबाइल से बुक कर सकेंगे खाद, लाइन में लगने की नहीं होगी जरूरत

27 जून 2026, जयपुर: राजस्थान में लॉन्च हुआ एफएसएएस सिस्टम: अब किसान मोबाइल से बुक कर सकेंगे खाद, लाइन में लगने की नहीं होगी जरूरत – राजस्थान सरकार ने किसानों को उर्वरक वितरण की बेहतर और पारदर्शी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब किसान अपने मोबाइल फोन से खाद की बुकिंग कर सकेंगे और उन्हें अनुदानित उर्वरक निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए फर्टीलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) की शुरुआत की गई है। फिलहाल इस नई व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राजसमंद और सिरोही जिलों में लागू किया गया है।

गुरुवार को कृषि विज्ञान केंद्र, राजसमंद में आयोजित कार्यक्रम में कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने एफएसएएस सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किसान तथा कृषि आदान विक्रेता भी मौजूद रहे।

फार्मर आईडी के आधार पर मिलेगा अनुदानित उर्वरक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि एफएसएएस प्रणाली के तहत किसानों को उनकी फार्मर आईडी के आधार पर अनुदानित उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। इससे वास्तविक किसानों तक समय पर खाद पहुंचाना आसान होगा और वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।

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मोबाइल से होगी खाद की बुकिंग

एफएसएएस सिस्टम के लागू होने के बाद किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इससे उन्हें उर्वरक लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। नई व्यवस्था से किसानों के समय और श्रम की बचत होगी, वहीं उर्वरकों की कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

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पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई शुरुआत

कृषि विभाग ने इस नई प्रणाली की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजसमंद और सिरोही जिलों से की है। पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार अन्य जिलों में भी किया जा सकता है।

किसानों के लिए तकनीक आधारित पहल

अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर ने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल किसानों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को समय पर आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से इस नई व्यवस्था का अधिकतम लाभ उठाने की अपील भी की।

उर्वरक वितरण व्यवस्था होगी अधिक व्यवस्थित

अतिरिक्त निदेशक कृषि, खंड भीलवाड़ा निरंजन सिंह राठौड़ ने कहा कि फर्टीलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (एफएसएएस) उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरी वितरण प्रक्रिया को डिजिटल और जवाबदेह बनाया जा सकेगा।

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