नौगांव में नरवाई प्रबंधन पर कृषक संगोष्ठी आयोजित
20 मार्च 2026, छतरपुर: नौगांव में नरवाई प्रबंधन पर कृषक संगोष्ठी आयोजित – किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रभारी कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नमः शिवाय अरजरिया के निर्देशन में मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, नौगांव, जिला छतरपुर में कृषक संगोष्ठी (नरवाई प्रबंधन) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसल अवशेष (नरवाई/पराली) जलाने से होने वाले पर्यावरणीय, मृदा स्वास्थ्य एवं कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नरवाई के उचित प्रबंधन के वैकल्पिक एवं लाभकारी तरीकों की जानकारी देना था।
संगोष्ठी में उपस्थित किसानों को बताया गया कि नरवाई जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता घटती है तथा जल धारण क्षमता कम हो जाती है। इसके साथ ही मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव एवं केंचुए नष्ट हो जाते हैं, जिससे मृदा की संरचना प्रभावित होती है और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। कार्यक्रम में डॉ. राजीव सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव ने नरवाई जलाने के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि पुषा डीकंपोजर जैसी जैविक तकनीकों के उपयोग से नरवाई को आसानी से खाद में परिवर्तित किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता।
इस अवसर पर उपयंत्री अभिषेक जैन ने किसानों को नरवाई प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुपर सीडर, हैपी सीडर, स्ट्रॉ रीपर, रीपर कम बाइंडर तथा बेलर जैसे यंत्रों के माध्यम से नरवाई का खेत में ही प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है। इन यंत्रों के उपयोग से किसानों की लागत कम होती है, मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में कृषकों ने भाग लेकर नरवाई प्रबंधन से संबंधित तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

