किसानों का बिजली बिल होगा शून्य, महाराष्ट्र में बनेगी अलग सोलर पावर कंपनी: सीएम फडणवीस
15 दिसंबर 2025, भोपाल: किसानों का बिजली बिल होगा शून्य, महाराष्ट्र में बनेगी अलग सोलर पावर कंपनी: सीएम फडणवीस- महाराष्ट्र सरकार किसानों को राहत देने और खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जहां किसानों के लिए अलग सोलर पावर कंपनी बनाई जाएगी। इस कंपनी का उद्देश्य किसानों को प्रदूषण-मुक्त सोलर बिजली उपलब्ध कराना है, जिससे आने वाले वर्षों में किसानों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो जाएगा।
16 हजार मेगावाट सोलर ऊर्जा का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के लिए 16,000 मेगावाट सोलर ऊर्जा का उत्पादन करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद राज्य के किसान सिंचाई और खेती के अन्य कार्यों के लिए पूरी तरह सोलर ऊर्जा पर निर्भर होंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति स्थायी होगी, बल्कि खेती भी पर्यावरण के अनुकूल बनेगी।
25 साल तक नहीं देना होगा बिजली बिल
फडणवीस ने कहा कि जिन किसानों के खेतों में सोलर पंप लगाए जाएंगे, उन्हें अगले 25 वर्षों तक बिजली बिल का एक भी रुपया नहीं देना पड़ेगा। इससे किसानों की उत्पादन लागत में बड़ी कमी आएगी और उनकी आय में सीधा इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि यह पहल खेती को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
सोलर पंप से बदली खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुसुम योजना के तहत लगाए गए सोलर पंपों का सबसे बड़ा लाभ महाराष्ट्र के किसानों को मिला है। देशभर में लगाए गए 9 लाख सोलर पंपों में से करीब 7 लाख अकेले महाराष्ट्र में स्थापित किए गए हैं। सोलर पंप मिलने से किसानों को नियमित पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे वे साल में दो से तीन फसलें लेने में सक्षम हो पाए हैं।
रिकॉर्ड समय में लगाए गए सोलर पंप
उन्होंने बताया कि पहले किसानों को बिजली पंप के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता था। एक समय ऐसा भी था जब आवेदन के बाद लगभग चार साल में पंप मिल पाता था और साल भर में सिर्फ कुछ हजार पंप ही लगाए जाते थे। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। हाल ही में एक ही महीने में 45,911 सोलर पंप लगाए गए, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है।
सस्ती सोलर बिजली से घटेगा खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि थर्मल बिजली की लागत जहां लगभग 8 रुपये प्रति यूनिट थी, वहीं सोलर बिजली करीब 3 रुपये प्रति यूनिट में उपलब्ध हो रही है। इससे सरकार पर किसानों की बिजली सब्सिडी का बोझ भी कम हुआ है। इसी बचत का असर यह हुआ कि राज्य में घरेलू और औद्योगिक बिजली दरों में हर साल लगभग 3 प्रतिशत की कमी करने का निर्णय लिया गया है।
किसानों के लिए नई ऊर्जा नीति
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि किसानों के लिए अलग सोलर पावर कंपनी बनाना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि खेती और ऊर्जा क्षेत्र में नया मॉडल है। इससे किसानों को भरोसेमंद बिजली मिलेगी, पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा और राज्य की ऊर्जा व्यवस्था भी मजबूत बनेगी। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से सोलर पंप के लाभार्थी किसानों से संवाद कर उनके अनुभव भी सुने।
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