इंदौर जिले को प्राकृतिक खेती में अव्वल बनाने की कोशिश शुरू 

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  • 3 हजार प्रेरक गांवों में जगाएंगे प्राकृतिक खेती की अलख 

25 मई 2022, इंदौर: इंदौर पिछले पांच साल से पूरे देश में स्वच्छता का सिरमौर बना हुआ है। पिछले दिनों स्टार्टअप से जुड़े एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर के कृषि से जुड़े एक एप के संचालक से चर्चा में स्वच्छता की भांति प्राकृतिक खेती में भी इंदौर अव्वल आए यह मंशा ज़ाहिर की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद  इंदौर जिले को प्राकृतिक खेती में भी अव्वल बनाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। इंदौर जिले के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए  तीन हज़ार प्रेरक अलख जगाएंगे। एक दिवसीय विकासखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित होंगे । इसी कड़ी में सिमरोल में शिविर आयोजित किया गया। जिसमें कलेक्टर श्री मनीष सिंह भी शामिल हुए, उन्होंने महू क्षेत्र के लिए नियुक्त किए जाने वाले प्रेरकों से चर्चा की। 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मनीष सिंह

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने कहा कि रासायनिक खेती जमीन और मानव जीवन दोनों के लिए हानिकारक होती जा रही है। अब हमें रासायनिक खेती से बचना होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान की मंशा है कि गांव-गांव तक प्राकृतिक खेती का प्रसार हो। उन्होंने कहा कि जैविक खेती की तुलना में प्राकृतिक खेती ज्यादा लाभदायक है। यह कम खर्चीली है । किसान आगे आकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। इसके लाभ देंखे। सबसे पहले वे कम से कम एक बीघा या एक एकड़ में प्राकृतिक खेती करके देखें, लाभ दिखाई देने पर इसका रकबा  बढ़ाएं। इंदौर जिले में प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाया जायेगा। प्राकृतिक खेती के संबंध में जागरूकता लाने के लिये गांव वार पांच-पांच प्रेरक तैयार किये जा रहे हैं, जो स्वयं प्राकृतिक खेती को करेंगे ही साथ ही दूसरे किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिये प्रोत्साहित करेंगे।यहां करीब 100 किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए संकल्प पत्र भरे हैं । 

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 प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन एवं  प्राकृतिक खेती को  मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए इंदौर जिले में 3 हजार प्रेरक गांव -गांव में प्राकृतिक खेती का अलख जगाएंगे। इन प्रेरकों को प्रशिक्षित करने के लिये विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इसमें  प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञों के साथ ही अन्य प्रगतिशील किसान प्रेरकों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से सैद्धांतिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण दे रहे हैं।आगामी  26 मई को सांवेर और देपालपुर के जनपद पंचायत सभाकक्ष  में  प्रातः 11 बजे 200 -200  प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। सांवेर और देपालपुर प्रशिक्षण के को-ऑर्डिनेटर सहायक संचालक कृषि द्वय श्री संदीप यादव और  श्री गोपेश पाठक रहेंगे। कार्यक्रम में किसान श्री शशि कुमार पाल और श्री साजिद खान ने विचार प्रकट किए। जबकि श्री जितेन्द्र पाटीदार, श्री मनोहर शारदिया ने प्राकृतिक खेती में अपनी रूचि प्रकट की।  प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ श्री मारूति माने, श्री सुरेश कुमार तिवारी, श्री संतोष सौमवतिया ने किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री शिव सिंह राजपूत, आत्मा परियोजना के संचालक श्रीमती शर्ली थॉमस, उप संचालक उद्यानिकी श्री वास्कले सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अंत में श्री दिनेश सलवाडिया ने आभार माना।

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