राज्य कृषि समाचार (State News)

ई-विकास प्रणाली: किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने की डिजिटल कोशिश

ऑफलाइन उर्वरक बेचने वाले 8 विक्रेताओं को नोटिस जारी  

09 अप्रैल 2026, मुरैनाई-विकास प्रणाली: किसानों को आसानी से उर्वरक उपलब्ध कराने की डिजिटल कोशिश – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन में ई-विकास प्रणाली के माध्यम से किसानों को उर्वरक का वितरण 01 अप्रैल से शुरू कर दिया गया है, यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को आसानी से समय पर उर्वरक की उपलब्धता करना है।  डिजिटल टोकन जनरेशन एवं एसएमएस, मोबाइल एप के माध्यम से सूचना प्रदान करना तथा निष्पक्ष वितरण है। यह एक डिजिटल प्रणाली है। इस योजना का उद्देश्य सरलता एवं सुविधाजनक तरीके से किसानों को उर्वरक का वितरण करना है। इसके माध्यम से डिजिटल टोकन प्राप्त होगे तथा समान रूप से निष्पक्ष वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

योजना की मुख्य  विशेषताएं  एवं कार्यप्रणाली – उप संचालक कृषि श्री अनंत सडै़या ने  बताया कि किसान का पंजीकरण आधार और मोबाइल नंबर के माध्यम से ई-टोकन बुक किया  जाएगा , जो डिजिटल पहचान और ट्रैकिंग को आसान बनाता है। लॉगिन उपरांत एग्रीस्टीक से प्राप्त कृषक की भूमि की जानकारी दिखने लगेगी, जिसके अंतर्गत भूमि के रकबे, सर्वे नंबर और फसल की जानकारी के साथ ही उर्वरक और रिटेलर विक्रेता की जानकारी शामिल है। कृषक यदि सहकारी समिति का सदस्य है तो सहकारी संस्था का चयन किया जायेगा, यदि वह सहकारी समिति का सदस्य नहीं है तो विपणन संघ के नगद विक्रय केन्द्र, मार्केटिंग समिति एवं निजी विक्रेताओं का चयन कर ई-टोकन जनरेट कर सकता है। क्यूआर कोड को लेकर कृषक चयनित विक्रेता के पास पहुंचेगे और चयनित विक्रेता कृषक का ई-टोकन क्यूआर कोड स्कैन कर, कृषक द्वारा चयनित उर्वरक संबंधित कृषक को प्रदान करेंगे। 

इसके अलावा यदि किसान की भूमि एग्रीस्टीक के माध्यम से पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है, तो किसान पोर्टल पर आधार के द्वारा लॉगिन करके ट्रस्ट, पट्टा, अन्य किसानों के पंजीयन लिंक पर क्लिक करेंगे। खुले इंटरफेस में किसान को कुल भूमि (हेक्टे. में), कुल सिंचित भूमि (हेक्टे. मे), खसरा नंबर, राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम, अनुभाग की जानकारी भरने के बाद सत्यापन कर सबमिट करेंगे। किसान द्वारा सबमिट की गई भूमि की जानकारी का सत्यापन संबंधित एसडीएम अथवा पटवारी द्वारा किया जाएगा। सत्यापन हो जाने के बाद, किसान पोर्टल पर लॉगिन कर, अपनी मांग के अनुसार ई-टोकन, कूपन जनरेट कर सकते है तथा नियत तिथि पर उर्वरक वितरण केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकते है। जनरेट किये गये ई-टोकन की वैद्यता 72 घंटे की रहेगी। जिले में गत 26 जनवरी से पायलट के रूप में आंशिक तौर पर ई-विकास प्रणाली लागू की गई थी। अब 01 अप्रैल से पूर्ण रूप से ई-विकास प्रणाली का आरंभ कर दिया गया है।

ऑफलाइन उर्वरक विक्रय करने वाले 8 निजी विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी  – उप संचालक कृषि श्री अनंत सडै़या ने बताया कि   01 अप्रैल से 3 अप्रैल तक के बीच ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक विक्रय ना करते  हुए ऑफलाइन उर्वरक विक्रय करने वाले 8 निजी उर्वरक विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए है। जिनमें मैसर्स श्रीराम खाद भण्डार मुरैना, मैसर्स देवेश एंटरप्राइजेज जौरा, मैसर्स दर्शन लाल गिर्राज किशोर कैलारस, मैसर्स मनोज कुमार शर्मा मुरैना, मैसर्स गिर्राज खाद बीज भण्डार जौरा, मैसर्स गोयल एग्रो ट्रेडर्स कैलारस, मैसर्स शिवा खाद भण्डार मुरैना, मैसर्स अग्रवाल ट्रेडिंग कम्पनी पोरसा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर, तीन दिवस में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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