लहसुन फेंके जाने की घटना की खबर का खण्डन

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14 जनवरी 2022, इंदौर । लहसुन फेंके जाने की घटना की खबर का खण्डन – हाल ही में सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया पर कृषक श्री सुनील पाटीदार द्वारा अपनी कृषि उपज लहसुन की कीमत कम भाव पर विक्रय होने से व्यथित होकर, लहसन को बाहर फेंकने की घटना वायरल हुई थी। जिसका प्रशासन द्वारा खंडन किया गया है।

 उक्त प्रकरण को संज्ञान  में लेते हुए भारसाधक अधिकारी देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी प्रांगण अपर कलेक्टर श्री राजेश राठौर द्वारा व्यापारी एसोसिएशन, लहसन नीलामकर्ता कर्मचारियों एवं जिले की मंडियों से कृषि उपज लहसुन के भाव की जानकारी ली गई। अध्यक्ष, आलू प्याज कमीशन एजेंट एसोसिएशन द्वारा अपने पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है, कि वर्तमान में कृषि उपज लहसुन के भाव न्यूनतम 300 रूपये से उच्चतम 2000 रूपये प्रति क्विंटल से विक्रय हो रही है। साथ ही उल्लेख किया गया है कि पुरानी लहसुन की सीमा समाप्त हो चुकी है, जिससे उसकी क्वालिटी खराब हो जाने के कारण कम भाव पर विक्रय हो रही है। इसी प्रकार जिले की मंडियों से दूरभाष पर चर्चा कर जानकारी ली गई, जिसमे गौतमपुरा मंडी में भी लहसन के भाव न्यूनतम 800 रूपये से 1500 रूपये प्रति क्विंटल के भाव से विक्रय हो रही है।देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी प्रांगण में 10 जनवरी 2022 को कृषि उपज लहसुन के भाव न्यूनतम 500, उच्चतम 2000 एवं मॉडल 1200 रूपये प्रति क्विंटल रहा।

सोशल मीडिया पर वायरल खबर में इंदौर मंडी में कम भाव विक्रय होने के संबंध में लिखा है। जबकि वीडियो में प्रदर्शित ट्रैक्टर  की ट्राली में लहसुन खुले रूप से भरी हुई दिखाई दे रही है, इससे प्रतीत होता है कि उक्त वाहन मंडी  इंदौर में विक्रय हेतु नहीं लाया गया है, क्योंकि इंदौर मंडी प्रांगण में आने वाली कृषि उपज बोरों में ही लाई जाकर, बोरों में ही विक्रय की जाती है और न ही वायरल वीडियो में प्रदर्शित कृषक द्वारा कृषि उपज मण्डी समिति, इंदौर के कार्यालय में कम भाव पर विक्रय की कोई शिकायत/सूचना अपनी कृषि उपज लहसुन वापस ले जाने हेतु जानकारी प्रस्तुत की गई। यदि कृषक द्वारा कम भाव में अपनी कृषि उपज विक्रय की शिकायत की जाती तो मंडी द्वारा तत्काल शिकायत को संज्ञान में लेकर पुनः नीलामी एवं उचित निराकरण कराया जाता।

उल्लेखनीय है कि इंदौर संभाग के धार ज़िले के एक किसान के द्वारा सड़क पर लहसुन  फेंकने के मामले में कलेक्टर धार डॉ. पंकज जैन ने उपसंचालक उद्यानिकी को जाँच करने के निर्देश दिए हैं। उपसंचालक उद्यानिकी ने प्राथमिक तौर पर बताया कि वर्तमान में मंडी में नई लहसुन नहीं आ रही है, इसलिये किसान द्वारा  सड़क पर लहसुन फेंकने की जो खबर आई है वह पिछले साल का लहसुन है और क्वालिटी में अच्छा नहीं होने के कारण कम दाम लगने की बात बताई  जा रही है। वर्तमान में लहसुन का भाव उसकी गुणवत्ता के हिसाब से 600 रुपए से दो हज़ार रुपए प्रति क्विंटल है।               

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