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राज्य कृषि समाचार (State News)

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना में बना सर्वश्रेष्ठ जिला

15 अक्टूबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना में बना सर्वश्रेष्ठ जिला – छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले ने कृषि विकास और किसान कल्याण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दंतेवाड़ा को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि जिले में कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, नवाचार और किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के प्रयासों के लिए मिली है।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा जिले को यह सम्मान प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से पुरस्कार ग्रहण किया।

सीएम विष्णुदेव साय ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश किसानों के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप कृषि को आधुनिक, लाभकारी और समृद्धि का आधार बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में कृषि विकास की इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

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कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी दी बधाई

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कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और किसानों सहित कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने, उन्नत कृषि तकनीकों का विस्तार करने और पारंपरिक खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की सफलता बताती है कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी से वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते हैं।

दूरस्थ गांवों के किसानों तक पहुंचाया योजनाओं का लाभ

प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत दंतेवाड़ा जिले में दूरस्थ वनांचल गांवों के लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। जिले में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकों का समन्वय किया गया। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी काम किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया। इसके साथ ही क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया गया। कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के प्रयासों से किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने पर ध्यान दिया गया।

विभागीय समन्वय और प्रशासनिक नेतृत्व की अहम भूमिका

प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग ने योजनाओं के परिणामोन्मुख क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन और अंतिम छोर के किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के मेहनती किसानों, कृषि विभाग के मैदानी अमले और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और किसानों की आजीविका बढ़ाने के लिए निरंतर काम करता रहेगा।

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