छत्तीसगढ़: हल्दी बीज वितरण में गड़बड़ी की आशंका, किसानों के 46 हजार के अनुदान पर लगी रोक
17 अक्टूबर 2026, रायपुर: छत्तीसगढ़: हल्दी बीज वितरण में गड़बड़ी की आशंका, किसानों के 46 हजार के अनुदान पर लगी रोक – छत्तीसगढ़ में हल्दी बीज वितरण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद उद्यानिकी विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देश पर जांच के लिए संचालनालय स्तर पर टीम गठित की गई है। वहीं, सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक हल्दी की खेती करने वाले किसानों को दिए जाने वाले अनुदान का भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 46 हजार रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान है।
हल्दी बीज वितरण से जुड़े दस्तावेजों की होगी जांच
उद्यानिकी विभाग को विभिन्न जिलों में हल्दी बीज वितरण से संबंधित शिकायतें मिली हैं। इसके बाद संचालनालय, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी ने जिला अधिकारियों से हितग्राहीवार जानकारी और आवश्यक अभिलेख मांगे हैं। अधिकारियों से किसानों को दिए गए बीज की मात्रा, बीज प्रदायक संस्थाओं की ओर से उपलब्ध कराए गए बीज की मात्रा और गुणवत्ता तथा किसानों को भुगतान की गई अनुदान राशि का विवरण मांगा गया है। इसके अलावा किसानों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों, भुगतान संबंधी विवरण और खेतों में रोपी गई हल्दी फसल के भौतिक सत्यापन की जानकारी भी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे से होगा फसल का सत्यापन
जांच के दौरान किसानों के खेतों में रोपी गई हल्दी फसल की वास्तविक स्थिति और उसके रकबे का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। बीज वितरण से संबंधित अभिलेखों, बीज प्रदायक संस्थाओं के विवरण, देयकों, पंजीयन टैग और फसल के भौतिक सत्यापन की जानकारी की जांच की जाएगी। किसानों के खेतों में रोपी गई फसल के जीपीएस आधारित फोटो भी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि दस्तावेजों में दर्ज जानकारी और खेतों की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा सके।
प्रति हेक्टेयर 46 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान
राज्य में वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत 1,300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती के विस्तार का कार्यक्रम लिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत स्वयं प्रमाणित हल्दी बीज की व्यवस्था कर उसका रोपण करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 46 हजार रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है।
योजना के तहत किसान स्वयं बीज की व्यवस्था करते हैं और अनुदान के लिए जिला अधिकारी के पास आवेदन प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद मैदानी अमले द्वारा सत्यापन किया जाता है और पात्र पाए जाने पर अनुदान की राशि किसान के बैंक खाते में जमा की जाती है। हालांकि, हल्दी बीज वितरण से जुड़ी शिकायतों और सत्यापन की प्रक्रिया को देखते हुए विभाग ने फिलहाल अनुदान भुगतान की कार्रवाई रोक दी है। किसानों के दस्तावेजों, रोपे गए बीज की मात्रा, खेती के रकबे और फसल की स्थिति की जांच के बाद ही आगे भुगतान के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
दोषी पाए जाने पर होगी कानूनी कार्रवाई
कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निर्देश पर शुरू की गई जांच का उद्देश्य योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित संस्था दोषी पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


