आम (Mango) में फल मक्खी नियंत्रण पर लेख
लेखक – राम अवतार चौधरी, फल विज्ञान (राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर), आस्था, विज्ञान (राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर)
29 नवंबर 2025, भोपाल: आम (Mango) में फल मक्खी नियंत्रण पर लेख –
परिचय
आम भारत का प्रमुख फल है और इसकी गुणवत्ता एवं उत्पादन को कई कीट प्रभावित करते हैं। इनमें सबसे खतरनाक कीट है। फ्रूट फ्लाई (फल मक्खी) यह मक्खी फल में अंडे देती है, जिससे फल सड़ जाते हैं, गिर जाते हैं और बाजार मूल्य कम हो जाता है। इसलिए फल मक्खी का प्रभावी नियंत्रण आम की सफल खेती के लिए आवश्यक है।
फल मक्खी क्या है?
- फल मक्खी (Bactrocera dorsalis) एक छोटा भूरा-पीला रंग का कीट है।
- मादा मक्खी पके या कच्चे आम के फलों में छोटी–सी कट बनाकर अंडे देती है।
- कुछ दिनों बाद इन अंडों से लार्वा (कीड़े) निकलते हैं जो फल के गूदे को खा लेते हैं।
- परिणामस्वरूप फल सड़ने लगता है और पेड़ से गिर जाता है।
फल मक्खी से होने वाले नुकसान
- फलों में कीड़ा लगना
- उत्पादन में 30–80% तक हानि
- फलों का समय से पहले गिरना
- बाजार में दाम कम मिलना
- निर्यात गुणवत्ता खराब होना
फल मक्खी के नियंत्रण के तरीके
1. स्वच्छता प्रबंधन (Sanitation Management)
- गिरे हुए सड़े फलों को तुरंत इकट्ठा कर **गड्ढे में दबाएँ** या नष्ट करें।
- संक्रमित फलों को पेड़ पर न छोड़ें।
- खेत साफ रखें, क्योंकि गिरे हुए फल मक्खी के प्रजनन का मुख्य स्रोत होते हैं।
2. बाइट ट्रैप (Protein Bait Trap)
- प्रोटीन हाइड्रोलाइज़ेट + कीटनाशक मिश्रण को ट्रैप में लगाएँ।
- यह वयस्क मक्खियों को आकर्षित कर उन्हें मार देता है।
- प्रत्येक एकड़ में 10–12 ट्रैप लगाने की सलाह दी जाती है।
3. मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप (Male Annihilation Technique)
- मिथाइल यूजेनॉल फल मक्खी के नर को आकर्षित करने वाला सबसे प्रभावी रसायन है।
- 1 लीटर पानी में मिथाइल यूजेनॉल + मैलाथियान मिलाकर लकड़ी के टुकड़ों पर डालें।
- इन्हें पेड़ों पर टांग दें।
- यह तकनीक नर मक्खियों की संख्या कम करती है, जिससे प्रजनन घटता है।
4. बैगिंग तकनीक (Fruit Bagging)
- कच्चे आमों पर पेपर/नेट बैग लगाएँ।
- इससे मक्खियाँ फलों तक नहीं पहुँच पातीं।
- यह तकनीक पूरी तरह जैविक और अत्यंत प्रभावी है।
5. जैविक नियंत्रण (Organic Control)
- नीम तेल (Neem Oil) का छिड़काव 3–4 बार करें।
- फलों पर नीम खली घोल, लाल मिर्च + नीम मिश्रण का भी प्रयोग किया जा सकता है।
- स्पिनोसैड जैसे जैविक कीटनाशक सुरक्षित विकल्प हैं।
6. रासायनिक नियंत्रण (Chemical Control)
- छिड़काव तभी करें जब संक्रमण अधिक हो और आम पर बैगिंग न की गई हो।
- कीटनाशक का प्रयोग फूल आने और फल बनने के बाद सावधानी से करें।
- छिड़काव कटाई से 20–25 दिन पहले बंद कर देना चाहिए।
निवारक उपाय
- समय–समय पर बाग का निरीक्षण करें।
- पकने के शुरुआती समय में ही ट्रैप लगा दें।
- सिंचाई और पोषण संतुलित रखें ताकि पेड़ स्वस्थ रहे।
- पेड़ की छंटाई (pruning) सही समय पर करें।
निष्कर्ष
आम में फल मक्खी एक गंभीर कीट है, परंतु सही प्रबंधन और समय पर नियंत्रण से इसकी हानि को काफी कम किया जा सकता है। स्वच्छता, ट्रैप, बैगिंग और जैविक तरीकों का संयोजन अपनाकर किसान उच्च गुणवत्ता के आम प्राप्त कर सकते हैं और बाजार में बेहतर भाव पा सकते हैं।
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