पशुपालन विभाग की सेवाएं हुईं डिजिटल: अब बिना ओटीपी नहीं होगा कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण, ऐप पर दर्ज होगा डेटा
05 अप्रैल 2026, भोपाल: पशुपालन विभाग की सेवाएं हुईं डिजिटल: अब बिना ओटीपी नहीं होगा कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण, ऐप पर दर्ज होगा डेटा – मध्य प्रदेश पशुपालन विभाग ने सेवाओं में पारदर्शिता और किसानों तक वास्तविक लाभ पहुँचाने के लिए एक नया तकनीकी कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से नरसिंहपुर जिले के समस्त पशु चिकित्सालयों और उप-केंद्रों में कृत्रिम गर्भाधान (AI) और एफएमडी टीकाकरण के लिए ओटीपी आधारित नई व्यवस्था शुरू कर दी गई है। अब पशुपालकों के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज किए बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं माना जाएगा।
उप-संचालक पशुपालन विभाग डॉ. सुनील बृजपुरिया ने बताया कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाना, डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ आसान बनाना है। विभाग के सभी डॉक्टर, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO), गौ-सेवक और मैत्री कार्यकर्ता अब किए गए कार्यों की दैनिक प्रविष्टि भारत पशुधन ऐप पर करेंगे, जिससे उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग संभव होगी।
ओटीपी आधारित नई प्रणाली के लाभ
नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को अपने पशुओं के रिकॉर्ड के साथ अपना आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट कराना अनिवार्य है। टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान के समय मोबाइल पर एक गुप्त कोड-ओटीपी आएगा। जब तक यह कोड संबंधित कार्यकर्ता को नहीं बताएंगे, तब तक ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य की एंट्री नहीं हो पाएगी। इस प्रक्रिया के बाद पशुपालक का डेटा सुरक्षित रहेगा और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
उप संचालक डॉ. बृजपुरिया ने समस्त पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे इस तकनीकी सुधार में विभाग का सहयोग करें। जब भी कोई टीकाकरण दल या कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता आपके द्वार पर आए, तो मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी उन्हें आवश्यक रूप से उपलब्ध कराएं ताकि आपके पशुधन का रिकॉर्ड सुरक्षित और अपडेट रह सके।
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