उर्वरक संकट के बीच छत्तीसगढ़ किसानों को मिलेगा समय पर खाद, केंद्र-राज्य तैयारी में जुटे-कृषि मंत्री रामविचार
02 अप्रैल 2026, रायपुर: उर्वरक संकट के बीच छत्तीसगढ़ किसानों को मिलेगा समय पर खाद, केंद्र-राज्य तैयारी में जुटे-कृषि मंत्री रामविचार – पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका – इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केन्द्र और राज्य सरकार ने किसानों को उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशन में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को सभी राज्यों के कृषि मंत्रियों की वर्चुअल बैठक लेकर राज्यों में उर्वरकों की आपूर्ति, अद्यतन स्टॉक एवं वितरण की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इस वर्चुअल बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राज्य के कृषि एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल रूप से शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि मंत्री श्री नेताम ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार द्वारा खरीफ सीजन -2026 के लिए कुल 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में अभी 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च 2026 की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है।
जैविक खाद और नैनो उर्वरकों के प्रति किसानों को किया जा रहा है जागरूक
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12ः32ः16, 20ः20ः0ः13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसा के आधार पर सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों में किसानों के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जल्द शुरू होगी ई-उर्वरक वितरण प्रणाली
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि किसानों को वास्तविक रकबे के हिसाब से खाद मिले, इस उद्देश्य से राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू की जाएगी। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से किसानों को उनकी फसल के रकबे के अनुसार अनुशंसित उर्वरक नजदीकी विक्रय केंद्रों से मिलेगी। आवश्यकता से अधिक मांग की स्थिति में मैदानी जांच के आधार पर अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाएगी।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
उत्पादन नहीं होगा प्रभावित
मंत्री श्री नेता ने कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से तथा वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खरीफ सीजन में उत्पादन प्रभावित न होने पाए।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

