एक रुपये वाला शैंपू का पाउच, बैंगन को बचा सकता है कीड़ों से
18 नवंबर 2025, उज्जैन: एक रुपये वाला शैंपू का पाउच, बैंगन को बचा सकता है कीड़ों से – जी हां ! यदि किसान चाहे तो अपने खेत में बैंगन को कीड़ों से बचाने के लिए महज एक रूपये के नुस्खे को आसानी से आजमा सकते है. एक रुपये वाला शैंपू का पाउच हर घर में इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि यह एक रुपये वाला शैंपू का पाउच एक अच्छा कीटनाशक भी है. एक्सपर्ट का कहना है कि शैंपू को पानी में मिलाकर फसल पर छिड़कने से कीड़े तुरंत मर जाते हैं. यह खासकर बैंगन की फसल में बहुत कारगर है, क्योंकि शैंपू पत्तों पर चिपककर कीड़ों की सांस रोक देता है.
दरअसल किसानों की शिकायत यह रहती है कि हजारों रुपए कीटनाशक दवाइयों पर खर्च करने पर भी फायदा नहीं होता है इसलिए यहां एक ऐसे नुस्खे को बताया जा रहा है जिसमें खर्च तो नहीं के बराबर है ही वहीं विशेषकर बैंगन को कीड़ों से बचाने में भी यह नुस्खा कारगार सिद्ध हो रहा है.
किसान बड़े स्तर बैंगन की खेती कर रहे हैं. इससे किसानों की अच्छी कमाई हो रही है. लेकिन कीटों और कीड़ों के हमले किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है. क्योंकि इससे फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंच रहा है. हालांकि, किसान कीटनाशकों का भी जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन इसका फायदा नहीं मिल रहा है. लेकिन अब किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.
शैंपू में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें कोई रासायनिक कीटनाशक नहीं होता, इसलिए फसल सुरक्षित रहती है और यह पर्यावरण के अनुकूल भी है. किसानों का कहना है कि पहले वे महंगे स्प्रे पर हजारों रुपये खर्च कर देते थे, लेकिन अब सिर्फ एक रुपये का शैंपू पानी में मिलाकर छिड़काव करने से उनकी लागत 90 फीसदी तक कम हो गई है. इस तकनीक से हफ्ते में केवल एक बार छिड़काव करना पर्याप्त होता है. इससे कीड़ों का असर तुरंत खत्म हो जाता है. साथ ही पत्ते ताजा रहते हैं और फसल सुरक्षित रहती है, जिससे उत्पादन भी बढ़ता है.
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture


