राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 का नया मसौदा जारी, किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक

08 जनवरी 2026, नई दिल्ली: कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 का नया मसौदा जारी, किसानों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक – कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारत सरकार ने मौजूदा जरूरतों और बदलते कृषि परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का नया मसौदा जारी किया है। यह विधेयक वर्तमान में लागू कीटनाशक अधिनियम, 1968 और उसके अंतर्गत बने कीटनाशक नियम, 1971 की जगह लेगा।

सरकार का उद्देश्य किसानों को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराना है, ताकि खेती में होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आय व सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

किसान-केंद्रित है नया विधेयक

कीटनाशक प्रबंधन विधेयक 2025 को पूरी तरह किसान-केंद्रित बनाया गया है। इसमें किसानों को बेहतर सेवाएं देने के लिए ट्रेसबिलिटी जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कीटनाशक कहां बना, कैसे वितरित हुआ और उसकी गुणवत्ता क्या है। इससे किसानों को नकली या घटिया कीटनाशकों से बचाया जा सकेगा।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल माध्यमों पर जोर

नए विधेयक में कीटनाशकों के पंजीकरण, निगरानी और प्रबंधन के लिए टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया है। इससे प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और किसानों के लिए सेवाएं लेना आसान होगा।

नकली कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई

विधेयक में नकली, घटिया या बिना मानक वाले कीटनाशक बेचने वालों पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही अपराधों के निपटान के लिए कंपाउंडिंग (समझौते) के प्रावधान भी किए गए हैं। राज्य-स्तरीय प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि सजा का निवारक प्रभाव हो और ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

टेस्टिंग लैब के लिए अनिवार्य एक्रेडिटेशन

किसानों को केवल गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक ही उपलब्ध हों, इसके लिए विधेयक में कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशालाओं के अनिवार्य एक्रेडिटेशन का प्रावधान किया गया है। इससे जांच प्रक्रिया विश्वसनीय होगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

मसौदे पर सुझाव आमंत्रित

विधेयक को अंतिम रूप देने से पहले सरकार ने सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया शुरू की है। कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2025 का मसौदा और निर्धारित प्रारूप मंत्रालय की वेबसाइट agriwelfare.gov.in पर उपलब्ध है। कोई भी व्यक्ति वेबसाइट पर जाकर मसौदा पढ़ सकता है और अपनी राय दे सकता है।

4 फरवरी 2026 तक भेज सकते हैं सुझाव

सभी हितधारकों और आम जनता से इस मसौदे पर टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। सुझाव pp1.pesticides[at]gov[dot]in, rajbir.yadava[at]gov[dot]in और jyoti.uttam[at]gov[dot]in पर एमएस वर्ड या पीडीएफ फॉर्मेट में ई-मेल के माध्यम से 4 फरवरी 2026 तक भेजे जा सकते हैं।

सुझाव देते समय देनी होगी यह जानकारी

सुझाव भेजने वाले व्यक्ति को अपना नाम और पदनाम, संपर्क विवरण (पता, ईमेल, मोबाइल नंबर) तथा यदि किसी संगठन से जुड़े हों तो उसका नाम और विवरण देना अनिवार्य होगा। तय अवधि के भीतर प्राप्त सभी सुझावों पर केंद्र सरकार विधेयक को अंतिम रूप देते समय विचार करेगी।

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