असंतुलित उर्वरक नीति से देश की मिट्टी संकट में
एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन ने सुधार हेतु प्रधानमंत्री को दिए सुझाव
16 फरवरी 2026, नई दिल्ली: असंतुलित उर्वरक नीति से देश की मिट्टी संकट में – देश के लगभग 14 करोड़ किसान परिवारों और कृषि क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ‘एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन’ ने केंद्र सरकार को उर्वरक सब्सिडी नीति (NBS) में आमूलचूल बदलाव का प्रस्ताव भेजा है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मनमोहन कलंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वर्तमान उर्वरक नीति में यूरिया और NPK की कीमतों के बीच बढ़ते फासले को कम करना अनिवार्य है।
मुख्य चिंता: यूरिया का अत्यधिक उपयोग और मिट्टी की खराबी – श्री कलंत्री ने बताया कि वर्तमान में यूरिया (₹266/45kg) और NPK (₹2100/50kg) की कीमतों में भारी अंतर है। इसके कारण किसान विवश होकर केवल सस्ते यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। वैज्ञानिक रूप से, अत्यधिक नाइट्रोजन के कारण मिट्टी की अम्लीयता (Acidity) बढ़ रही है, जिससे मिट्टी सख्त हो रही है और उसकी पानी सोखने की क्षमता घट रही है। यह आने वाले समय में देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

एसोसिएशन के प्रमुख सुझाव: सल्फर कोटेड यूरिया (यूरिया गोल्ड): सामान्य यूरिया की जगह सल्फर कोटेड यूरिया को ₹500 प्रति 40 kg की दर पर प्रोत्साहित किया जाए। यह ‘स्लो रिलीज’ खाद है जो मिट्टी की खराबी में 30% तक कमी लाती है।
चरणबद्ध उत्पादन: अगले 5 वर्षों में सामान्य यूरिया का उत्पादन हर साल 20% घटाया जाए और उसकी जगह नया उन्नत यूरिया लाया जाए।
सब्सिडी का पुनर्वितरण: यूरिया पर बचने वाली अतिरिक्त सब्सिडी का उपयोग NPK और DAP की कीमतों को कम (₹1350 – ₹1500) करने के लिए किया जाए, ताकि किसान संतुलित पोषण (Balanced Nutrition) अपना सकें।
MRP का निर्धारण: कंपनियों द्वारा अलग-अलग MRP रखने से किसान भ्रमित हैं। सरकार को हर ग्रेड की MRP पुनः फिक्स करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन: श्री कलंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पिछले 10 वर्षों में MSP खरीद पर खर्च किए गए ₹19.60 लाख करोड़ और ‘किसान सम्मान निधि’ के तहत ₹3.70 लाख करोड़ के सीधे लाभ की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का “यूरिया का उपयोग कम करने” का सपना तभी साकार होगा, जब अन्य उर्वरकों (NPK/MOP) की कीमतें किसानों की पहुंच में होंगी।
एसोसिएशन ने मांग की है कि MOP ( पोटाश ) की कीमतों को भी नियंत्रित किया जाए ताकि गन्ना और अन्य फसलों की उत्पादकता प्रभावित न हो। इस विषय पर विस्तृत चर्चा हेतु एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री और रसायन मंत्री श्री जे.पी. नड्डा जी से मिलने का समय माँगा है।
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