राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में सुस्ती: 49.87 लाख हेक्टेयर हुआ कुल रकबा; धान और मक्का में कमी, दलहन ने बढ़त दिखाई

31 मार्च 2026, नई दिल्ली: ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई में सुस्ती: 49.87 लाख हेक्टेयर हुआ कुल रकबा; धान और मक्का में कमी, दलहन ने बढ़त दिखाई देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई प्रगति धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 27 मार्च, 2026 तक कुल 49.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रीष्मकालीन फसलें बोई गईं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2.47 लाख हेक्टेयर कम है। हालांकि दलहन फसलों की रकबे में बढ़त देखने को मिली है। लेकिन धान और मक्का की बुवाई में भी गिरावट देखी गई है।

इस वर्ष ग्रीष्मकालीन चावल की बोआई 28.50 लाख हेक्टेयर में हुई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 30.69 लाख हेक्टेयर से लगभग 2.19 लाख हेक्टेयर कम है।

दालें के रकबे में बढ़ोत्तरी

इस वर्ष दालों के क्षेत्र में कुल 6.06 लाख हेक्टेयर बोआई हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 5.60 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 0.46 लाख हेक्टेयर अधिक है। इस बढ़ोतरी में हरी मूंग का योगदान प्रमुख रहा, जिसकी बोआई इस वर्ष 3.91 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.25 लाख हेक्टेयर अधिक है। काला चना की बोआई भी बढ़कर 1.90 लाख हेक्टेयर हुई, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 0.13 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा अन्य दालों की बोआई इस वर्ष 0.25 लाख हेक्टेयर रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.08 लाख हेक्टेयर अधिक है।  

मोटे अनाज के रकबे में कमी

मोटे अनाज के तहत इस वर्ष कुल क्षेत्र कवरेज 9.34 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 9.71 लाख हेक्टेयर की तुलना में 0.37 लाख हेक्टेयर कम है। इसमें ज्वार का रकबा घटकर 0.26 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले वर्ष से 0.10 लाख हेक्टेयर कम है। वहीं बाजरा की बोआई बढ़कर 2.50 लाख हेक्टेयर पहुंची, जिसमें 0.21 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई। रागी का क्षेत्र भी बढ़कर 0.20 लाख हेक्टेयर हो गया, जो 0.07 लाख हेक्टेयर अधिक है। इसके विपरीत छोटे बाजरा में मामूली गिरावट दर्ज करते हुए यह 0.02 लाख हेक्टेयर रहा। मक्का का रकबा भी घटकर 6.36 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले वर्ष से 0.54 लाख हेक्टेयर कम है।

तिलहन फसलों की भी घटी बुवाई

तिलहन फसलों की बात करें तो इस वर्ष कुल 5.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोआई हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 6.34 लाख हेक्टेयर से 0.37 लाख हेक्टेयर कम है। इसमें मूंगफली का क्षेत्र घटकर 3.56 लाख हेक्टेयर रह गया, जो 0.52 लाख हेक्टेयर की कमी दर्शाता है। वहीं सूरजमुखी की बोआई में बढ़ोतरी हुई है और यह 0.34 लाख हेक्टेयर पहुंच गई, जो पिछले वर्ष से 0.05 लाख हेक्टेयर अधिक है। तिल की खेती भी बढ़कर 2.02 लाख हेक्टेयर हो गई, जिसमें 0.11 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि अन्य तिलहनों का क्षेत्र मामूली घटकर 0.04 लाख हेक्टेयर रह गया, जो 0.02 लाख हेक्टेयर की कमी को दर्शाता है।

ग्रीष्मकालीन फसलों का क्षेत्र कवरेज  (लाख हेक्टेयर में) 

क्र. सं.फसलेंसामान्य ग्रीष्मकालीन क्षेत्र (DES)अंतिम ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 2025वर्तमान वर्ष (2026)पिछले वर्ष (2025) समान अवधिवृद्धि/कमी
1चावल31.4933.2828.530.69-2.19
2दालें23.427.076.065.60.46
2Aहरी मूंग20.4423.493.913.650.25
2Bकाला चना2.963.581.91.770.13
2Cअन्य दालें00.250.170.08
3मोटे अनाज12.0814.069.349.71-0.37
3Aज्वार0.340.360.260.35-0.1
3Bबाजरा4.435.22.52.290.21
3Cरागी0.310.20.130.07
3Dछोटे बाजरा0.020.020.03-0.01
3Eमक्का6.988.56.366.91-0.54
4तिलहन8.49.515.976.34-0.37
4Aमूंगफली3.44.23.564.08-0.52
4Bसूरजमुखी0.340.350.340.30.05
4Cतिल4.664.962.021.910.11
4Dअन्य ऑलिससीड00.040.06-0.02
कुल 75.3783.9249.8752.35-2.47

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