आत्मनिर्भर गांवों से साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य- केंद्रीय मंत्री श्री तोमर

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 आत्मनिर्भर भारत: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्टील को बढ़ावा देने पर वेबिनार

21 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। आत्मनिर्भर गांवों से साकार होगा आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य- केंद्रीय मंत्री श्री तोमरकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायत राज तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए आत्मनिर्भर भारत के आव्हान को साकार करने का मार्ग आत्मनिर्भर गांवों से होकर जाता है। हमारे गांवों को मजबूत व आत्मनिर्भर बनाने में इस्पात की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

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श्री तोमर ने यह बात आत्मनिर्भर भारत: ग्रामीण अर्थव्यवस्था (कृषि, ग्रामीण विकास, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण) में इस्पात के उपयोग को बढ़ावा देने पर आयोजित वेबिनार में कही। केंद्रीय स्टील मंत्रालय और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित इस वेबिनार में श्री तोमर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान ग्रामीण मांग में उत्साहजनक बदलाव आया है। नीतिगत सहायता, विकास प्रयासों, कृषि ऋण छूट, उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य, (डीबीटी) व ग्रामीण विकास केंद्रित बजटीय प्रक्रिया द्वारा ग्रामीण उपभोक्ताओं के खर्च की क्षमता में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, “इस्पात के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण आवास, खाद्य भंडारण, कृषि उपकरण विनिर्माण आदि को कवर करने वाले ग्रामीण क्षेत्र में अपार अवसर उपलब्ध हैं। बढ़ती ग्रामीण अर्थव्यवस्था इस्पात के अधिक उपयोग के नए अवसर खोल रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, एमएसपी जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं जीवन को बेहतर बना रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में इस्पात का अधिक उपयोग भी शामिल है।” श्री तोमर ने कहा कि ऊर्जा, डेयरी, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि-उपकरण आदि जैसे अन्य क्षेत्रों में विकास का ग्रामीण क्षेत्रों में इस्पात की खपत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में इस्पात की आवश्यकता को देखने और घरेलू इस्पात उत्पादन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक कार्यदल के गठन का भी सुझाव दिया।

केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने वेबिनार में गांवों के विकास एवं समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत व आत्मनिर्भर बनाने में भारत के इस्पात क्षेत्र की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। इस्पात राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कार्यक्रम में विशेष भाषण दिया। श्री प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस्पात की मांग को बढ़ावा देने के लिए अपार संभावनाएं हैं। सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने का मिशन, ग्रामीण सड़कों में निवेश, रेलवे की आधारभूत संरचना को उन्नत करने और कृषि को गति, सभी में इस्पात की बड़ी मांग पैदा करेंगे। प्रति व्यक्ति इस्पात की खपत बढ़ाना सभी के हित में है। श्री प्रधान ने उल्लेख किया कि देश में प्रति व्यक्ति इस्पात उपयोग को बढ़ाने में ग्रामीण भारत की अहम भूमिका है। यह समाज में अधिक सशक्त बनाएगा, ग्रामीण विकास सुनिश्चित करेगा और रोजगार पैदा करेगा।” इस्पात उद्योग के प्रमुख, इस्पात, ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और मत्स्य पालन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और यूपी, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्य सरकारों और सीआईआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने वेबिनार में भाग लिया।

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