राष्ट्रीय कामधेनु आयोग पंचगव्य उत्पादों को बढ़ावा देगा

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देशव्यापी “कामधेनु दीपावली अभियान”

13 अक्टूबर 2020, नई दिल्ली। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग पंचगव्य उत्पादों को बढ़ावा देगा गौमाया गणेश अभियान की प्रतिक्रिया से उत्साहित, राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) ने इस साल दीपावली त्योहार के अवसर पर “कामधेनु दीपावली अभियान” मनाने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से, आरकेए इस दिवाली महोत्सव के दौरान गाय के गोबर / पंचगव्य उत्पादों के व्यापक उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। दिवाली उत्सव के लिए गोबर आधारित दीयों, मोमबत्तियों, धूप, अगरबत्ती,  देवी लक्ष्मी की मूर्तियों आदि का निर्माण शुरू हो चुका है।

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आरकेए का लक्ष्य इस वर्ष दीपावली के दौरान 11 करोड़ परिवारों में गाय के गोबर से बने 33 करोड़ दीयों को प्रज्वलित करना है। लगभग 3 लाख दीयों को केवल पवित्र शहर अयोध्या में ही प्रज्वलित किया जाएगा और 1 लाख दीये वाराणसी में जलाए जाएंगे। हजारों गाय आधारित उद्यमियों / किसानों / महिला उद्यमियों को व्यवसाय के अवसर पैदा करने के अलावा, गाय के गोबर से बने उत्पादों के उपयोग से स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण भी मिलेगा। यह गौशालाओं को आत्मनिर्भर ’बनाने में भी मदद करेगा। चीनी  दीयों का विकल्प बन कर  यह अभियान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया की परिकल्पना को बढ़ावा देगा और स्वदेशी ’आंदोलन को भी प्रोत्साहन देगा।

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) का गठन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गायों और गौवंश के संरक्षण, सुरक्षा और विकास तथा पशु विकास कार्यक्रम को दिशा प्रदान करने के लिए किया गया है।  पशुधन अर्थव्यवस्था का निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 73 मिलियन घरों में होता है। देश भले ही, दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है, इसके बावजूद भारत में औसत दूध का उत्पादन दुनिया के औसत का केवल 50% है। कम उत्पादकता मुख्य रूप से आनुवंशिक स्टॉक में गिरावट, खराब पोषण और अवैज्ञानिक प्रबंधन के कारण है।

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