QS World Ranking 2026: IARI टॉप-200, IVRI टॉप-100 में शामिल, भारतीय कृषि शिक्षा ने विश्व में नाम रोशन किया
29 मार्च 2026, नई दिल्ली: QS World Ranking 2026: IARI टॉप-200, IVRI टॉप-100 में शामिल, भारतीय कृषि शिक्षा ने विश्व में नाम रोशन किया – विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, भारतीय कृषि संस्थानों ने QS World University Ranking by Subject 2026 में पहली बार अपनी उपस्थिति दर्ज की है। प्रधानमंत्री द्वारा दिसंबर 2025 में मुख्य सचिवों के सम्मेलन में कुशल मानव पूंजी के विकास पर बल देने के बाद यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस राष्ट्रीय प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान शिक्षा एवं विस्तार प्रणाली (NAREES) के तहत विश्व स्तरीय, बहुविषयक और अनुसंधान-प्रधान शिक्षा से जुड़े इकोसिस्टम को मजबूत करने हेतु लगातार प्रयास कर रही है।
आईसीएआर संस्थानों की वैश्विक उपस्थिति
यूनाइटेड किंगडम स्थित विश्लेषक QS Quacquarelli Symonds द्वारा 25 मार्च को जारी नवीनतम रैंकिंग में आईसीएआर के दो प्रमुख संस्थानों ने जगह बनाई। बरेली स्थित IVRI (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) ने 51-100 रैंकिंग वाली श्रेणी में स्थान प्राप्त किया और पशु चिकित्सा विज्ञान श्रेणी में शीर्ष 100 में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय विश्वविद्यालय बना। वहीं, नई दिल्ली स्थित IARI (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) ने कृषि और वानिकी श्रेणी में 151-200 रैंकिंग वाली श्रेणी में पहली बार स्थान बनाया और भारतीय संस्थानों के एक विशिष्ट समूह में शामिल हो गया। कुल मिलाकर, वैश्विक स्तर पर कृषि और वानिकी श्रेणी में 475 विश्वविद्यालयों में से 10 भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हुए हैं।
वैश्विक स्तर पर भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन
151-200 वाली श्रेणी में IARI के साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और IIT खड़गपुर शामिल हैं, जबकि तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) 201-250 की श्रेणी में है। उल्लेखनीय रूप से, हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने भी पहली बार 301-350 श्रेणी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अनुसंधान, शिक्षा और सामाजिक योगदान
डीएआरई के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि आईसीएआर के डीम्ड विश्वविद्यालयों की इस रैंकिंग में उपस्थिति उनके मूलभूत और अनुप्रयुक्त विज्ञान, कृषि-खाद्य एवं स्वास्थ्य प्रणालियों में निरंतर बहुआयामी योगदान का प्रमाण है। इन संस्थानों ने न केवल अनुसंधान में उत्कृष्टता दिखाई, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंच, फसल एवं पशुधन सुधार, जलवायु के अनुकूल कृषि और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पूर्व छात्रों का मजबूत नेटवर्क और हितधारकों का अटूट विश्वास इन संस्थानों की वैश्विक मान्यता को और सुदृढ़ करता है।
विकसित भारत की दिशा में नया युग
भारत जैसे-जैसे विकसित भारत की दिशा में अग्रसर हो रहा है, आईसीएआर के प्रमुख संस्थानों की वैश्विक मान्यता एक नए युग का संकेत देती है। देश की कृषि उच्च शिक्षा न केवल दुनिया के साथ कदम मिलाकर चल रही है, बल्कि विज्ञान, नवाचार और मानव पूंजी के विकास में उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित कर रही है। IARI और IVRI का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारतीय कृषि शिक्षा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी अपना दबदबा कायम कर रही है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

