राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

PM-KISAN: 30 लाख से अधिक किसानों का लंबित आधार–बैंक लिंकिंग मामला

15 फरवरी 2026, नई दिल्ली: PM-KISAN: 30 लाख से अधिक किसानों का लंबित आधार–बैंक लिंकिंग मामला – केंद्र सरकार की प्रमुख किसान आय सहायता योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत वर्ष 2019 में शुरू होने के बाद से अब तक 21 किस्तों के माध्यम से किसानों को ₹4.09 लाख करोड़ से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। हालांकि, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी राज्यवार तालिका के अनुसार देशभर में 30 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों का आधार से लिंक होना अभी भी लंबित है, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

फरवरी 2019 में शुरू की गई PM-KISAN योजना का उद्देश्य पात्र कृषक परिवारों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करना है। इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की राशि तीन समान किस्तों में आधार-सीडेड बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कृषक के पास कृषि योग्य भूमि होना तथा बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना अनिवार्य है।

30.18 लाख किसानों की आधार लिंकिंग लंबित

कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार 6 फरवरी 2026 तक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 30,18,361 किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं।

राज्यों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 10,44,200 किसानों की आधार–बैंक लिंकिंग लंबित है। इसके बाद गुजरात (2,90,358), राजस्थान (2,13,779), मध्य प्रदेश (1,87,011) और महाराष्ट्र (1,72,349) का स्थान है। इसके अलावा बिहार, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आधार से बैंक खाता लिंक नहीं होने पर PM-KISAN की किस्त जारी नहीं की जा सकती। जैसे ही किसान आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हैं, उनकी बकाया राशि तुरंत आधार से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है।

आधार सीडिंग के लिए विशेष अभियान

सरकार ने बताया कि किसानों के बैंक खाते समय-समय पर बदलने के कारण आधार सीडिंग की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है। लाभार्थियों तक योजना का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के सहयोग से विशेष अभियान चला रहा है।

इसके अलावा किसानों को आधार लिंकिंग सुनिश्चित करने के लिए SMS के माध्यम से भी सूचना दी जा रही है, ताकि PM-KISAN योजना के तहत लाभ वितरण में कोई बाधा न आए।

सरकार के अनुसार योजना की डिजिटल प्रणाली पारदर्शिता सुनिश्चित करती है और लाभार्थियों का पंजीकरण एवं सत्यापन बिना किसी मध्यस्थ के किया जाता है।

यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

राज्यवार आधार–बैंक खाता लिंकिंग लंबित किसानों की संख्या (6 फरवरी 2026 तक)

क्रम संख्याराज्य/केंद्र शासित प्रदेशआधार–बैंक लिंकिंग लंबित किसान
1उत्तर प्रदेश10,44,200
2गुजरात2,90,358
3केरल68,798
4राजस्थान2,13,779
5कर्नाटक1,30,263
6पश्चिम बंगाल1,22,106
7मध्य प्रदेश1,87,011
8महाराष्ट्र1,72,349
9ओडिशा73,532
10झारखंड53,083
11मणिपुर18,898
12पंजाब61,360
13तमिलनाडु87,432
14हरियाणा61,490
15बिहार1,39,430
16तेलंगाना97,467
17आंध्र प्रदेश41,626
18छत्तीसगढ़34,622
19हिमाचल प्रदेश30,114
20अरुणाचल प्रदेश3,915
21असम10,146
22नागालैंड8,535
23उत्तराखंड26,273
24जम्मू और कश्मीर15,660
25त्रिपुरा12,998
26मिजोरम3,063
27मेघालय4,122
28सिक्किम2,456
29दिल्ली727
30लद्दाख734
31अंडमान और निकोबार द्वीप समूह374
32दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव583
33गोवा392
34लक्षद्वीप226
35पुडुचेरी213
36चंडीगढ़26
कुलभारत30,18,361


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