राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

पीएम फसल बीमा योजना: कम प्रीमियम में व्यापक फसल सुरक्षा, देशभर के करोड़ों किसान हुए लाभान्वित  

13 मार्च 2026, नई दिल्ली: पीएम फसल बीमा योजना: कम प्रीमियम में व्यापक फसल सुरक्षा, देशभर के करोड़ों किसान हुए लाभान्वित – केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को कम प्रीमियम में व्यापक फसल सुरक्षा उपलब्ध करा रही है। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि इस योजना के तहत किसानों से बहुत कम प्रीमियम लिया जाता है, जबकि बाकी प्रीमियम का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।  

मंत्री ने बताया कि योजना के तहत किसानों को खरीफ फसलों के लिए बीमा राशि का अधिकतम 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम ही देना होता है। शेष प्रीमियम का भुगतान केंद्र और राज्य सरकारें 50:50 अनुपात में करती हैं, जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में यह अनुपात 90:10 है। किसानों को तय प्रीमियम से अधिक राशि नहीं देनी पड़ती।  

सरकार के अनुसार यह योजना बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक फसल को व्यापक जोखिम बीमा प्रदान करती है। इसमें सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात, कीट व रोग, बिजली गिरना, प्राकृतिक आग, भूस्खलन, तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है। साथ ही स्थानीय आपदाओं से होने वाली फसल हानि और कटाई के बाद के नुकसान को भी योजना में शामिल किया गया है।

जोखिम प्रबंधन के लिए वैकल्पिक मॉडल

सरकार ने योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कप-एंड-कैप मॉडल (80:110), कप-एंड-कैप मॉडल (60:130) और लाभ-हानि साझा मॉडल जैसे तीन वैकल्पिक जोखिम हस्तांतरण मॉडल का भी प्रावधान किया है। इन मॉडलों के तहत यदि दावों की राशि एक निश्चित सीमा से कम रहती है तो सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी का कुछ हिस्सा राज्य के खजाने में वापस जा सकता है। राज्यों को इनमें से किसी भी मॉडल को अपनाने की स्वतंत्रता दी गई है।

इसके अलावा जोखिम को संतुलित करने के लिए राज्यों को जिलों को विभिन्न क्लस्टर (समूह) में बांटने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य उच्च और कम जोखिम वाले क्षेत्रों को एक साथ शामिल कर जोखिम का संतुलन बनाना और बीमा कंपनियों द्वारा लगाए जाने वाले प्रीमियम को कम रखना है।  

2016 से अब तक करोड़ों किसानों को मिला लाभ

सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016-17 से 2024-25 (31 दिसंबर 2025 तक) के दौरान इस योजना के तहत देशभर में 78.70 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा किया गया है। किसानों ने कुल 36,055 करोड़ रुपये प्रीमियम का भुगतान किया, जबकि फसल नुकसान पर 1,92,477 करोड़ रुपये से अधिक के दावे किसानों को दिए गए। इस अवधि में 23.22 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों को बीमा दावों का लाभ मिला।

राज्यवार कवरेज और दावों का विवरण (2016-17 से 2024-25 तक)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेशबीमित आवेदन (संख्या)किसानों का प्रीमियम (करोड़ रुपये)भुगतान किए गए दावे (करोड़ रुपये)लाभान्वित आवेदन
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह2,9200.050.28668
आंध्र प्रदेश43,721,809795.155,580.506,027,897
असम6,292,23935.51736.641,092,550
बिहार5,231,142402.54811.06470,922
छत्तीसगढ़43,544,2551,627.257,655.1411,193,836
गोवा3,8910.190.15728
गुजरात8,394,4951,499.425,751.252,936,454
हरियाणा38,885,8772,351.209,015.158,279,192
हिमाचल प्रदेश2,669,243274.5609.411,144,391
जम्मू एवं कश्मीर961,26767.91157.25266,250
झारखंड7,162,31275.42857.29866,732
कर्नाटक22,689,5252,584.0418,654.5313,173,981
केरल963,52876.17743.48580,672
मध्य प्रदेश101,937,3856,819.9731,737.1430,477,707
महाराष्ट्र132,287,9635,609.9345,449.1762,405,476
मणिपुर38,7483.7510.5127,757
मेघालय91,8190.8424.5234,197
ओडिशा65,485,3351,154.567,183.8911,332,214
पुदुचेरी197,6761.4421.248,608
राजस्थान194,214,9976,827.4131,554.4850,249,464
सिक्किम13,5890.460.18330
तमिलनाडु38,175,0781,396.9015,575.4818,160,066
तेलंगाना3,904,037696.381,906.381,221,538
त्रिपुरा1,400,6833.7812.29133,265
उत्तर प्रदेश52,945,8893,100.025,805.189,161,593
उत्तराखंड2,000,181344.791,361.971,067,212
पश्चिम बंगाल13,805,173305.511,262.781,914,960
कुल787,021,05636,055.07192,477.31232,268,660

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