राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मेघालय स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल 2026: स्मिट, सोहलीया और तुरा क्लस्टर में 1,200 मीट्रिक टन उत्पादन को मिलेगा बाजार मंच

26 फरवरी 2026, नई दिल्ली: मेघालय स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल 2026: स्मिट, सोहलीया और तुरा क्लस्टर में 1,200 मीट्रिक टन उत्पादन को मिलेगा बाजार मंच –  Meghalaya सरकार वर्ष 2026 का मेघालय स्ट्रॉबेरी फेस्टिवल राज्य के तीन प्रमुख स्ट्रॉबेरी उत्पादक क्लस्टर — स्मिट, सोहलीया और तुरा — में आयोजित करेगी। यह आयोजन पीक हार्वेस्ट सीजन के दौरान किसानों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने और राज्य में बढ़ती स्ट्रॉबेरी खेती को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

यह फेस्टिवल 25 से 28 फरवरी 2026 तक स्मिट गांव (वह-ईंग-स्येम मीडोज, ईस्ट खासी हिल्स जिला) में आयोजित होगा। इसके बाद 4 से 7 मार्च 2026 तक सोहलीया (फुटबॉल ग्राउंड, उमस्निंग, री-भोई जिला) तथा दारेचिकग्रे, तुरा (वेस्ट गारो हिल्स जिला) में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मेघालय में स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत वर्ष 1988 में सोहलीया में 50 पौधों के साथ हुई थी। वर्ष 2004 में ड्रिप सिंचाई प्रणाली लागू होने और संस्थागत सहयोग मिलने के बाद उत्पादन में लगातार विस्तार हुआ। वर्तमान में राज्य में लगभग 1,200 मीट्रिक टन स्ट्रॉबेरी का वार्षिक उत्पादन होता है। यह खेती 250 से अधिक गांवों तक फैल चुकी है और 4,000 से अधिक किसान इससे जुड़े हैं।

सरकारी समर्थन के तहत किसानों को बेहतर फार्मगेट मूल्य दिलाने, कोल्ड चेन अवसंरचना विकसित करने, प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने और मूल्य संवर्धित उत्पादों के विकास के लिए आईएचएम शिलांग के साथ सहयोग किया गया है। राज्य सरकार उच्च मूल्य वाले फल और फूलों की खेती को आय बढ़ाने की रणनीति के तहत प्राथमिकता दे रही है।

वित्त वर्ष 2026–27 के बजट भाषण में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने घोषणा की कि अगले वित्त वर्ष में जापान की मीठी ‘टोचिओटोमे’ स्ट्रॉबेरी किस्म को मेघालय में पेश किया जाएगा। यह पहल राज्य की बाजार स्थिति को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।

फेस्टिवल के दौरान आगंतुक स्ट्रॉबेरी तोड़ने की गतिविधियों, खेत भ्रमण और स्वाद परीक्षण सत्रों में भाग ले सकेंगे। मुख्यमंत्री के मेघालय ग्रासरूट्स म्यूजिक प्रोग्राम (CM-MGMP) के अंतर्गत समर्थित कलाकारों के लाइव प्रदर्शन और स्थानीय खाद्य स्टॉल भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

यह फेस्टिवल किसानों को ताजी स्ट्रॉबेरी और मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे जैम, जूस और डेज़र्ट सीधे बेचने का मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से किसान-खरीदार संपर्क मजबूत होगा, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में एग्रो-टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा।

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