एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर ही छोटे किसानों की आय बढ़ौतरी होगी

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देश के 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों में वेबिनार

नई दिल्ली। वर्षा आधारित क्षेत्रों में एकीकृत कृषि प्रणालियों के विस्तार की बजट घोषणा के अनुसार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) द्वारा विकसित 60 कृषि-जलवायु क्षेत्रवार आईएफएस मॉडल पर राज्यों को शिक्षित करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने वेबिनार की श्रृंखला प्रारंभ की है।

​श्रृंखला में पहला वेबिनार सेंट्रल पठार और पहाड़ियों (मध्य प्रदेश और राजस्थान), गुजरात के मैदानों तथा पहाड़ियों व पश्चिमी शुष्क क्षेत्र (राजस्थान) के लिए आयोजित किया गया।

​समेकित कृषि प्रणाली (आईएफएस) में फसलों, बागवानी, मुर्गीपालन, पशुपालन, कृषि और कुछ मूल्यवर्धन के साथ बहुस्तरीय प्रणाली को अपनाकर एक ही भूखंड से छोटे किसानों की आय बढ़ाने की जबरदस्त क्षमता है।
​विभाग वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (आरएडी) योजना के माध्यम से किसानों को आईएफएस अपनाने में सहायता कर रहा है और ये वेबिनार किसानों के लाभ के लिए लैब टू लैंड कनेक्ट को मजबूत करेंगे।

​ये वेबिनार देश के सभी 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों के लिए 6 जून 2020 तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित किए जाएंगे।

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